WB में 5वें दिन उबाल, ममता के खिलाफ याचिका

कोलकाता
के कुछ हिस्सों में संशोधित के खिलाफ लगातार पांचवें दिन मंगलवार को भी प्रदर्शन जारी रहा। पश्चिम बंगाल के जिले में आज शाम 5 बजे तक इंटरनेट सेवाएं बंद रहेंगी। उधर, उत्तरी 24 परगना के बसीरहाट में प्रदर्शनकारियों ने संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ नारेबाजी की। स्थितियों को देखते हुए पुलिस ने राज्यभर में सुरक्षा कड़ी कर दी है और हिंसा के लिए अभी तक करीब 354 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि उत्तर बंगाल जाने वाली कई ट्रेनों को या तो रद्द कर दिया गया है या उनके समय में परिवर्तन किया गया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री मंगलवार को भी संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर में यादवपुर 8बी बस स्टैंड से एक रैली निकालेंगी। ममता ने सोमवार को भी संशोधित कानून के खिलाफ रेड रोड से लेकर रवींद्रनाथ टैगोर के पैतृक निवास जोरासंको ठाकुरबाड़ी तक विशाल रैली निकाली थी।

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‘जब तक जिंदा हूं, एनआरसी बंगाल में लागू नहीं करूंगी’
ममता ने कहा, ‘जब तक मैं जिंदा हूं, मैं एनआरसी या नागरिकता कानून कभी (पश्चिम बंगाल में) लागू नहीं करूंगी।’ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के इस बयान और पब्लिक फंड्स का इस्तेमाल कर राज्य सरकार द्वारा मीडिया में इसी संदर्भ में दिए गए विज्ञापनों को लेकर में एक रिट पिटिशन दायर की गई है।

NPR से जुड़ी सभी तैयारियों पर रोक
इस बीच संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन के बीच पश्चिम बंगाल सरकार ने सोमवार को राज्य में राष्ट्रीय जनसंख्या पंजी (एनपीआर) से जुड़ी तैयारियों को रोक दिया। केंद्र सरकार ने सितंबर 2020 तक एनपीआर बनाने का फैसला किया है जो पूरे देश में नागरिक रजिस्टर बनाने के आधार का काम करेगा। एनपीआर में देश में आम तौर पर रहने वाले लोगों की सूची होगी। एक बार एनपीआर पूर्ण और प्रकाशित होगा, उम्मीद की जा रही है कि यह भारतीयों की राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरआईसी) का आधार काम करेगा। यह असम एनआरसी का राष्ट्रव्यापी संस्करण होगा।

Source: National

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