निर्मला के 'प्याज' बयान पर बवाल, जाने पूरी कहानी

नई दिल्ली
आसमान छूती प्याज की कीमत के बीच वित्त मंत्री के एक बयान की काफी चर्चा है, जिसपर विपक्ष उनको घेर रहा है। सोशल मीडिया पर भी इसकी जमकर चर्चा हो रही है। मामला इतना बढ़ गया है कि निर्मला सीतारमण के ऑफिस को सफाई देनी पड़ी और बताना पड़ा कि दिखाया जा रहा बयान आधा-अधूरा है। जो बयान चर्चा में है उसमें निर्मला कहती हैं कि वह लहसुन-प्याज कम खानेवाले परिवार से हैं। इस बयान को अब ऐसे तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है जैसे निर्मला ने कहा हो कि उन्हें प्याज के दाम बढ़ने से फर्क नहीं पड़ता क्योंकि वह उसे नहीं खातीं। लेकिन यह उस घटना का सिर्फ एक हिस्सा है। पूरा मामला क्या था, यहां जानिए

लोकसभा में सवाल में जवाब में कहा था
दरअसल, उस दौरान निर्मला सीतारमण लोकसभा में एनसीपी सांसद सुप्रीया सुले के सवाल का जवाब देने के लिए खड़ी हुईं। सुप्रिया ने बढ़ते प्याज के रेट पर सवाल पूछा था। इसका जवाब देने के लिए जैसे ही निर्मला सीतारमण खड़ी हुईं तभी किसी विपक्षी सांसद ने उनसे पूछा ‘क्या आप प्याज खाती हैं?’ इसका जवाब देते हुए सीतारमण ने कहा, ‘नहीं मैं ज्यादा लहसुन प्याज नहीं खाती हूं जी। मैं ऐसे परिवार से आती हूं जहां इन दो चीजों का ज्यादा इस्तेमाल नहीं होता।’

इसके आगे निर्मला ने यह भी कहा था कि प्याज की कीमत क्यों बढ़ रही है, इसपर उनकी पूरी नजर है। उन्होंने सरकार ने उन कदमों की भी जानकारी दी थी, जो प्याज की कीमत को कंट्रोल करने के लिए उठाए गए हैं।

विपक्षी नेताओं ने घेरा
निर्मला के बयान पर बाद में राजनीति शुरू हो गई। 106 दिन बाद जेल से बाहर आए कांग्रेस के सीनियर नेता पी चिदंबरम ने भी निर्मला को घेरा था। संसद के बाहर प्याज के बढ़ते दामों पर प्रदर्शन करते हुए चिदंबरम ने कहा था कि जो सरकार लोगों को प्याज-लहसुन कम खाने की सलाह दे रही है, उसे चले जाना चाहिए। इस सरकार ने अर्थव्यवस्था का बुरा हाल कर दिया। उन्होंने आगे पूछा था कि अगर नहीं खाती हैं तो क्या खाती हैं? क्या वह एवोकाडो (मैक्सिको में पाया जाना वाला एक फल) खाती हैं?

बता दें कि लोकसभा में हुई चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने कहा था, ‘प्याज के भंडारण से कुछ ढांचागत मुद्दे जुड़े हैं और सरकार इसका निपटारा करने के लिये कदम उठा रही है।’ उन्होंने कहा था कि खेती के रकबे में कमी आई है और उत्पादन में भी गिरावट दर्ज की गई है लेकिन सरकार उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिये कदम उठा रही है। सीतारमण ने कहा कि प्याज की कीमतों को नियंत्रित करने के लिये मूल्य स्थिरता कोष का उपयोग किया जा रहा है। इस संबंध में 57 हजार मीट्रिक टन का बफर स्टाक बनाया गया है। इसके अलावा मिस्र और तुर्की से भी प्याज आयात किया जा रहा है।

Source: National

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