चिदंबरम पर बिफरी BJP, बेल की शर्तें तोड़ी

नई दिल्लीपूर्व वित्त मंत्री की ओर से बयान जारी करने पर केंद्रीय मंत्री ने पलटवार किया है। जावड़ेकर ने कहा कि चिदंबरम ने बेल पर छूटने के अगले ही दिन बयान जारी कर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन किया है। उन्होंने कहा, ‘पी. चिदंबरम पर अदालत की जमानत शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्होंने जमानत पर रिहा होने के अगले दिन ही अदालत के फैसले पर टिप्पणी कर उच्चतम न्यायालय के आदेश का उल्लंघन किया है।’

जावड़ेकर ने कहा, ‘उच्चतम न्यायालय ने चिदंबरम को जमानत देते हुए कहा था कि वह विचाराधीन मामले के बारे में कोई सार्वजनिक बयान नहीं देंगे, लेकिन चिदंबरम ने आज यह बयान दिया कि बतौर मंत्री उनका रिकॉर्ड बिल्कुल साफ है।’ जावड़ेकर ने कहा, ‘चिदंबरम के खिलाफ यही तो आरोप है कि उन्होंने मंत्री पद पर अपना कर्तव्य निभाते हुये भ्रष्टाचार किया, उनके खिलाफ यही तो मुकदमा है। चिदंबरम खुद ही स्वयं के निर्दोष होने का प्रमाणपत्र दे रहे हैं। यह अदालत की शर्तों का उल्लंघन है।’

जावड़ेकर ने कहा, आजादी तो 1975 में छिनी थीजावड़ेकर ने चिदंबरम के जम्मू कश्मीर में आजादी नहीं होने के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, ‘आजादी तो 1975 में नहीं थी जब देश में प्रेस की स्वतंत्रता को खत्म करके सेंसरशिप लाया था। जम्मू कश्मीर में समाचार पत्रों का प्रकाशन और समाचार चैनलों का प्रसारण नियमित प्रसारण हो रहा है।’

चिदंबरम के दौर में जल रहा था जम्मू-कश्मीर
उन्होंने गृह मंत्री के रूप में चिदंबरम के कार्यकाल का हवाला देते हुए कहा, ‘चिदंबरम जी के समय में कश्मीर जल रहा था। आज कश्मीर तरक्की के रास्ते पर चल रहा है। अर्थव्यवस्था को बदहाली के दौर में बताए जाने के चिदंबरम के बयान पर जावड़ेकर ने कहा, ‘मैं एक ही बात पूछता हूं कि आपके समय में ऊंची मंहगाई दर पर धीमी आर्थिक वृद्धि दर वाली अर्थव्यवस्था थी। दस फीसदी से ज्यादा मंहगाई दर और पांच छह प्रतिशत वृद्धि दर थी। अब मंहगाई पिछले पांच वर्ष में चार फीसदी रही है, बाढ़ और असामयिक वर्षा के कारण प्याज का संकट तात्कालिक है।’

Source: National

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