चीन ने फोन यूजर्स के लिए जरूरी किया फेस स्कैन

पेइचिंग
चीन ने टेलिकॉम ऑपरेटरों से कहा है कि वह फोन इस्तेमाल करने वाले नए यूजरों का रजिस्ट्रेशन करते वक्त उनका करे। सितंबर में चीन के उद्योग और सूचना तकनीक मंत्रालय ने साइबर सुरक्षा के तहत नोटिस जारी कर असली नाम से रजिस्ट्रेशन को जरूरी बनाया था। अब रविवार को नया नोटिफिकेशन जारी कर नए फोन यूजर्स का फेस स्कैन अनिवार्य किया गया है।

चीन के सोशल मीडिया पर फेस स्कैनिंग संबंधी सरकार के आदेश पर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ लोग यह चिंता जता रहे हैं कि बायॉमेट्रिक डीटेल को लीक किया जा सकता है या उन्हें बेचा जा सकता है। तमाम लोग आम लोगों पर सरकार की बढ़ती निगरानी पर चिंता जता रहे हैं। दूसरी तरफ कई लोग इस कदम का स्वागत कर रहे हैं।

सितंबर के नोटिस में टेलिकॉम ऑपरेटरों से कहा गया था कि वे नया फोन नंबर ऐक्टिव करने से पहले लोगों की पहचान को वेरिफाई करने के लिए आर्टिफिशल और दूसरे तकनीकी उपाय करें। ताजा आदेश उसी नोटिस की कड़ी में है।

चाइना यूनिकॉम कस्टमर सर्विस के एक प्रतिनिधि ने न्यूज एजेंसी एएफपी को बताया कि नए फोन यूजर्स को अब रजिस्ट्रेशन के वक्त फेस स्कैन कराना जरूरी होगा। उन्हें खुद के सिर को घुमाने और आंखों की पुतलियों के ऊपर-नीचे होने को रिकॉर्ड करना होगा।

सितंबर के नोटिस में कहा गया था, ‘अगले चरण के तौर पर हमारा मंत्रालय निगरानी और जांच को बढ़ाना जारी रखेगा…और फोन यूजर्स का असली नाम से रजिस्ट्रेशन का सख्ती से पालन कराएगा।’

वैसे तो चीन सरकार ने नए फोन नंबरों को आईडी कार्ड से लिंक करके 2013 से ही असली नाम से रजिस्ट्रेशन की दिशा में कदम उठाए हैं लेकिन ताजा कदम आर्टिफिशल इंटेलिजेंस के जरिए वेरिफिकेशन को जरूरी बनाने के लिए है। बता दें कि चीन सुपरमार्केट चेकआउट्स से लेकर सर्विलांस तक लगभग हर चीज में तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है।

Source: International

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