स्वामी का PM को खत, पूजास्थल कानून बदलें

नई दिल्ली
बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने उपासना स्थल कानून-1991 में संशोधन की मांग करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। इस अधिनियम के तहत पवित्र ढांचों का वही ‘राजनीतिक स्वरूप’ बरकरार रखे जाने की बात की गई है, जो स्वरूप उनका 15 अगस्त 1947 में था। इस कानून के तहत किसी मंदिर को मस्जिद और मस्जिद को मंदिर में परिवर्तित किए जाने पर भी प्रतिबंध है।

स्वामी ने प्रधानमंत्री से अपील की कि वह विधि मंत्रालय को अधिनियम, विशेष रूप से धारा 4 में संशोधन के लिए निर्देश दें। उनका दावा है कि यह अधिनियम उपासना की स्वतंत्रता के ‘मेरे मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता’ है। स्वामी ने कहा, ‘नरसिंह राव की अगुआई में कांग्रेस सरकार ने यह कानून लागू किया था।’

बीजेपी नेता ने पत्र में लिखा, ‘संसद द्वारा पारित कोई कानून या संसद मौलिक अधिकारों में कोई संशोधन या बदलाव नहीं कर सकती। वह संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 के तहत उपासना की स्वतंत्रता के मेरे मौलिक अधिकारों को कम नहीं कर सकती, इसलिए विधि मंत्रालय को इस कानून में संशोधन करना चाहिए।’ स्वामी द्वारा यह प्रस्तावित संशोधन काशी और मथुरा के संदर्भ में महत्वपूर्ण है जहां 2 विवादित मस्जिदें हैं। स्वामी ने काशी में ज्ञानवापी मस्जिद और मथुरा की कृष्ण जन्मभूमि के विवादित स्थलों की भूमि के राष्ट्रीयकरण की पिछले सप्ताह मांग की थी।

Source: National

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