बस ऐसे ही सरकार बचा सकते हैं फडणवीस!

नई दिल्ली
महाराष्ट्र में सुप्रीम कोर्ट की ओर से बुधवार शाम पांच बजे तक बहुमत परीक्षण की डेडलाइन फिक्स करने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सीएम देवेंद्र फडणवीस 145 का मैजिक नंबर जुटा पाएंगे? विपक्ष अपने पास 162 विधायकों के समर्थन का दावा कर रहा है। 105 विधायकों वाली बीजेपी भी अजित पवार के दम पर बहुमत के दावे पर अडिग है। आइए समझते हैं फडणवीस कल विधानसभा में किन स्थितियों में अपनी कुर्सी बचा सकते हैं…

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सीन 1: अगर
NCP के 36 विधायक अजित के साथ आ जाएं
के पास कुल 54 विधायक हैं। दल-बदल कानून के प्रावधान के तहत अलग गुट को मान्यता हासिल करने के लिए दो तिहाई विधायकों के समर्थन की जरूरत होती है। इस लिहाज से अजित पवार को 36 विधायकों का समर्थन चाहिए। अगर अजित 36 या इससे ज्यादा विधायकों का समर्थन हासिल कर लेते हैं तो उन्हें नई पार्टी बनाने में मुश्किल नहीं होगी लेकिन अगर ऐसा नहीं हो पाता है तो बागी विधायकों की सदस्यता खत्म हो सकती है। उनके अलावा करीब 13 निर्दलीय विधायकों के समर्थन का दावा बीजेपी पहले ही कर रही थी। ये निर्दलीय और बीजेपी के बागी नेता हैं। ऐसे में बीजेपी के 105+36+13= 154 यानी फडणवीस सरकार आसानी से बहुमत साबित कर देगी।

असल स्थिति:
मौजूद हालात में ऐसा होता नहीं दिख रहा है। अजित पवार ने सुप्रीम कोर्ट में भले ही खुद ‘एनसीपी’ होने का दावा किया हो, लेकिन अभी तक चले पूरे घटनाक्रम में वह विधायकों को अपने साथ खड़ा नहीं दिखा पाए हैं। पार्टी और विधायकों पर की पकड़ ज्यादा नजर आ रही है।

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सीन-2: अगर विधायक वोटिंग से गायब हो जाएं
दूसरी स्थिति यह हो सकती है कि विपक्षी दलों के कुछ विधायक वोटिंग के दौरान सदन से अनुपस्थित हो जाएं। इस स्थिति में प्रोटेम स्पीकर की भूमिका भी अहम हो जाएगी। ऐसे में बहुमत का आंकड़ा घट जाएगा और बीजेपी आसानी से बहुमत साबित कर सकती है। 288 सदस्यीय विधानसभा में अभी बीजेपी के पास 105 सदस्य हैं। देखना होगा कि बुधवार को बीजेपी और विपक्षी दलों की क्या रणनीति बनती है। अगर ऐसा होता है तो बीजेपी 105+13+अन्य के साथ मिलकर किसी तरह सरकार बचाने वाली स्थिति में पहुंच सकती है।

असल स्थिति: फडणवीस सरकार बचने की यही एकमात्र सबसे संभव स्थिति दिख रही है। अब देखना होगा कि क्या बीजेपी शनिवार रात का ‘चमत्कार’ फिर दोहरा सकती है। हालांकि इस स्थिति में मामला फिर सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे तक पहुंच सकता है।

पढ़ें, महाराष्ट्र विधानसभा का पूरा गणित

पार्टी सीटें
भारतीय जनता पार्टी 105
शिवसेना 56
कांग्रेस 44
एनसीपी 54
एआईएमआईएम 2
बहुजन विकास आघाडी 3
सीपीआई (एम) 1
निर्दलीय 13
जन सुराज्य शक्ति 1
क्रांतिकारी शेतकारी पार्टी 1
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना 1
पीडब्ल्यूपीआई 1
प्राहर जनशक्ति पार्टी 2
राष्ट्रीय समाज पक्ष 1
समाजवादी पार्टी 2
स्वाभिमानी पक्ष 1
कुल 288

सीन3- शिवसेना में ही पड़ जाए फूट
तीसरी स्थिति यह हो सकती है कि बीजेपी शिवसेना के खेमे में ही सेंध लगा ले और विधायकों को तोड़ ले या फिर उनसे इस्तीफा दिलवा दे। विधानसभा में इस समय शिवसेना के पाक 56 विधायक हैं। ऐसी स्थिति में भी विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा घट जाएगा। बीते कुछ दिनों से बीजेपी के कुछ नेता भी दबी जुबान में यह दावा कर रहे हैं कि शिवसेना के कुछ विधायक उनसे संपर्क में है।

असल स्थिति: इसकी संभावना फिलहाल दूर-दूर तक नहीं दिख रही है। लेकिन राजनीति में कुछ भी संभव है। महाराष्ट्र में शनिवार सुबह का घटनाक्रम यह साबित कर चुका है।

सीन-4 के विधायक बीजेपी में शामिल हो जाएं
बाकी सबके खिलाफ होने पर फडणवीस के लिए सरकार बचाने की एक अंतिम स्थिति यह हो सकती है कि कांग्रेस के 44 विधायकों में से बड़ा खेमा टूटकर बीजेपी में शामिल हो जाए या फिर उसे समर्थन कर दे।

असल स्थिति:
यह भी दूर की कौड़ी है। लगभग पूरी कांग्रेस ही बीजेपी के पाले में आ जाए, यह महाराष्ट्र में फिलहाल तो नामुमकिन है। लेकिन जैसे हम ऊपर कह ही चुके हैं- राजनीति में…

Source: National

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