राजस्थान निकाय: कांग्रेस का दबदबा, BJP पीछे

जयपुर
राजस्थान में स्थानीय निकाय यानी शहर की सरकार के चुनाव में सत्ताधारी कांग्रेस ने बीजेपी को काफी पीछे छोड़ दिया है। 49 नगर निकायों में 2,000 से अधिक पार्षदों के लिए हुए चुनाव में कांग्रेस ने तकरीबन आधे निकायों में जीत दर्ज की है। राजस्थान के निकाय चुनाव में सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी को सबसे ज्यादा सीटों पर जीत हासिल हुई है। कांग्रेस को कुल 961 और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को 737 सीटों पर जीत हासिल हुई है। वहीं, निर्दलीय उम्मीदवारों ने 386 सीटों पर अपना कब्जा जमाया है। वहीं उदयपुर में बीजेपी ने जीत दर्ज की है। नतीजों को गहलोत सरकार के एक साल के कामकाज पर जनता की मुहर के रूप में देखा जा रहा है।

राज्य निर्वाचन विभाग की वेबसाइट के अनुसार परिणाम आने के बाद सभी 2,105 वार्डों में स्थिति साफ हो गई है। इन परिणाम के अनुसार, कुल मिलाकर बात की जाए तो कांग्रेस के 961, बीजेपी के 737, बीएसपी के 16, सीपीएम के तीन, एनसीपी के दो प्रत्याशी जीते हैं। परिणामों में रोचक बात यह है कि 386 वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है, जो कई जगह बोर्ड बनाने में बड़ी भूमिका निभाएंगे।

मुख्यमंत्री गहलोत ने निकाय चुनाव में कांग्रेस के अच्छे प्रदर्शन को सरकार के काम पर जनादेश बताया है। उन्होंने कहा, ‘जनता ने मैंडेट दिया है यह सोच कर कि सरकार जिस रूप में परफॉर्म कर रही है, उस दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं। हम चाहेंगे कि जो समस्याएं शहर की हैं, उनको प्राथमिकता के आधार पर हल करें और जनता ने विश्वास प्रकट किया है उनकी अपेक्षा और आशाओं के अनुरूप सरकार काम करे। मैं जनता को कहना चाहूंगा कि आप निश्चिन्त रहें, हम लोग काम करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।’

17 में से 9 नगर परिषदों में कांग्रेस का बोर्ड
17 नगर परिषदों के नतीजों में कांग्रेस का 9 जगह बोर्ड बना है, वहीं 7 में निर्दलीयों ने जीत दर्ज की है। बीजेपी को सिर्फ बालोतरा में जीत हासिल हुई है। सीकर, हनुमानगढ़, टोंक, चित्तौड़गढ़, बांसवाड़ा और बाड़मेर नगर परिषद में कांग्रेस का बोर्ड बन गया है। फलौदी, मकराना, कैथून, बिसाऊ, रावतभाटा, डीडवाना, माउंट आबू, नाथद्वारा, छबड़ा और निंबाहेड़ा, आमेट, नीमकाथाना में कांग्रेस को जीत मिली है। चित्तौड़गढ़ जिले में बीजेपी का सूपड़ा साफ हो गया है। यहां के तीनों निकायों में कांग्रेस जीती है। चित्तौड़गढ़ नगर परिषद की 60 में से 34 सीटों पर कांग्रेस को जीत मिली है, जबकि 24 सीटों पर बीजेपी ने विजय हासिल की।

मकराना में बीजेपी की करारी हार हुई है। यहां कांग्रेस ने 55 में से 35 वॉर्डों पर कब्जा जमाया है जबकि अन्य को 17 सीटें मिली हैं। बीजेपी सिर्फ तीन सीटों पर सिमटकर रह गई है। बालोतरा नगर परिषद, पिंडवाड़ा और खाटूश्यामजी नगरपालिका में बीजेपी का बोर्ड बना है। फलौदी नगरपालिका के 40 वॉर्डों में से 27 पर कांग्रेस, 9 पर बीजेपी और 4 पर अन्य को जीत हासिल हुई है।

नतीजों से सीएम गहलोत का बढ़ा कद
निकाय चुनाव के नतीजों को सीएम अशोक गहलोत के लिए अच्छा संकेत माना जा रहा है। विधानसभा चुनाव के बाद हुए लोकसभा चुनावों में कांग्रेस मोदी लहर के सामने नहीं टिक सकी थी और पार्टी का सूपड़ा साफ हो गया था। वहीं, डेप्युटी सीएम सचिन पायलट से प्रतिद्वंद्विता की खबरें भी अकसर सामने आ रही थीं। इन चुनावों से साफ हो गया कि फिलहाल राजस्थान में गहलोत के लिए कोई चुनौती नहीं है। 2018 में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद कई बार पार्टी के अंदर नेतृत्व परिवर्तन की सुगबुगाहट देखी गई लेकिन अब गहलोत के लिए रास्ता साफ दिख रहा है।

49 निकायों के 2105 वॉर्डों में चुनाव
बता दें कि राज्य में तीन नगर निगमों, 18 नगर परिषद और 28 नगरपालिकाओं यानी कुल 49 निकायों में पार्षद पद के लिए शनिवार को मतदान हुआ था। चुनाव में कुल 71.53 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। इन 49 निकायों में कुल 2,105 वॉर्डों में चुनाव होना था। हालांकि 14 वॉर्डों में पार्षद निर्विरोध चुने गए थे। बाकी 2,091 वॉर्डों में 7,942 उम्मीदवारों ने किस्मत आजमाई, जिनमें 2,832 महिलाएं व 5,109 पुरुष प्रत्याशी शामिल हैं।

26 को निकाय अध्यक्ष और 27 को उपाध्यक्ष का चुनाव
पार्षद चुने जाने के बाद तय कार्यक्रम के अनुसार नगर निकायों में अध्यक्ष पद के लिए चुनाव 26 नवंबर और उपाध्यक्ष पद के लिए 27 नवंबर को करवाया जाएगा। इन चुनावों के नतीजों को काफी अहम माना जा रहा है। इसके बाद राज्य में जल्द ही पंचायत चुनाव होने वाले हैं। राजस्थान में 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी। इसके बाद अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री बनाया गया।

(भाषा से मिले इनपुट के साथ)

Source: National

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *