इंटरनैशनल मेन्‍स डे: पुरुषों पर आयुष्‍मान की कविता इंटरनेट पर हो रही वायरल

आज यानी 19 नवंबर को दुनियाभर में सेलिब्रेट किया जा रहा है। पुरुषों के बीच पॉजिटिव रोल मॉडल्‍स को हाइलाइट करने के लिए इस दिन को सेलिब्रेट किया जाता है। इस दिन पुरुषों से जुड़े मुद्दों जैसे मेंटल हेल्‍थ, टॉक्‍सिक मेस्‍क्‍युलिनिटी, पुरुषों में आत्महत्या के बढ़ते प्रचलन पर लोगों को अवेयर करने की कोशिश की जाती है।

बॉलिवुड में भी अब तक तमाम फिल्‍में बन चुकी हैं जिनमें पुरुषों के प्रभुत्‍व को दिखाया गया है। समाज में पुरुषों को लेकर ऐसी धारणा बनी हुई है कि ‘मर्द को कभी दर्द नहीं होता’ जो कि अमिताभ बच्‍चन की ही फिल्‍म ‘मर्द’ का ही एक मशहूर डायलॉग है।

हालांकि, अब ऐक्‍टर ने लंबे समय से चली आ रही इस सोच को अपनी नई कविता से गलत साबित करने की कोशिश की है। पिछले कुछ समय से लीक से हटकर फिल्‍में कर फैंस के दिलों में खास जगह बनाने वाले आयुष्‍मान का इन दिनों एक विडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। इसमें वह एक कविता के जरिए बता रहे हैं कि जेंटलमेन किसे कहते हैं।

इस कविता को राइटर गौरव सोलंकी ने लिखा है। इसमें पुरुषों के जज्बातों को शब्दों में पिरोया गया है। कविता में पुरुषों पर लादी गईं कई जिम्मेदारियों और ना रोने व दर्द ना महसूस करने वाली यातना को भी काफी संवेदनात्मक तरीके से जाहिर किया गया है।

इस विडियो के जरिए आयुष्मान ने यह भी बताया है कि ‘मर्द को दर्द’ ना होना ठीक नहीं है। उसे भी रो देने का उतना ही हक है, जितना किसी लड़की को क्योंकि वह भी इंसान ही है।

अब इंटरनेट पर यह विडियो लोगों को काफी पसंद आ रहा है। इसके जरिए एक बार फिर आयुष्‍मान खुराना लोगों की तारीफ बटोर रहे हैं। वर्क फ्रंट की बात करें तो आयुष्मान खुराना इन दिनों अपनी हालिया रिलीज फिल्म ‘बाला’ की सक्‍सेस को इंजॉय कर रहे हैं।

‘बाला’ एक ऐसे शख्‍स की कहानी है जो गंजेपन की समस्‍या से जूझ रहा है। फिल्‍म में भूमि पेडनेकर, यामी गौतम और सौरभ शुक्‍ला जैसे ऐक्‍टर्स भी अहम किरदारों में हैं।

Source: Bollywood

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