'लादेन' की मौत, बीजेपी MLA पर उठी उंगली

गुवाहाटी
असम के गोलपारा जिले में बीजेपी विधायक की मदद से पकड़े गए जंगली हाथी की 7 दिन बाद पुनर्वास केंद्र में मौत हो गई। हाथी ‘लादेन’ पांच लोगों की जान ले चुका था। उसे पिछले दिनों के नेतृत्व में चलाए गए अभियान में पकड़ा गया था। इसके बाद उसे ओरांग नैशनल पार्क के पुनर्वास केंद्र में जंजीरों से बांधकर रखा गया था।

मंगलदोई के डिविजनल वन अधिकारी बीवी संदीप ने कहा, ‘शुरुआती जांच में सामने आया है कि हाथी की मौत कार्डिएक अरेस्ट की वजह से हुई है। विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार है।’ उन्होंने आगे बताया, ‘हाथी लगातार निगरानी में था और अपने महावत को रिस्पॉन्स करना भी शुरू कर दिया था। वह सामान्य व्यवहार कर रहा था और रविवार सुबह 4 बजे और 5 बजे के बीच उसे हल्का खाना खिलाया गया था।’

‘हार्ट फंक्शनिंग ठीक नहीं थी, काफी चोटें भी आई थीं’कैद में रहने वाले कृष्णा नाम के इस नर हाथी की रविवार सुबह पौने छह बजे मौत हो गई। हाथी का पोस्टमॉर्टम करने वाले पशु चिकित्सक कुशल कुमार शर्मा ने बताया कि हाथी के हृदय में नेक्रोटिक बैरियर पाया गया। इस अवस्था में किसी चोट या बीमारी के चलते कोशिकाएं और ऊतक खत्म हो जाते हैं।

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उन्होंने बताया, ‘हाथी का दिल ठीक काम नहीं कर रहा था और वह तनाव में था। उसके शरीर में कई सारी चोटें थीं। उसका हार्ट फंक्शन पहले से ही कमजोर था और हो सकता है कि कैद में लेने की प्रक्रिया से वह तनाव में आ गया हो।’ कुशल शर्मा गुवाहाटी स्थित वेटनरी साइंस कॉलेज में रेडियॉलजी ऐंड सर्जरी विभाग के प्रमुख हैं।

बीजेपी विधायक ऑपरेशन का हिस्सा बने थे
पिछले हफ्ते बुधवार को हाथी को काफी चोटें और गंभीर घाव के चलते इलाज के लिए ओरांग लाया गया था। इस दौरान उसे एक ट्रक में 200 किमी की यात्रा करनी पड़ी थी। लादेन नाम से कुख्यात यह हाथी पिछले दिनों गोलपारा जिले में कन्याकुची रिजर्व फॉरेस्ट में घूम रहा था लेकिन 11 नवंबर को वन विभाग के एक ऑपरेशन में हाथी को कैद कर लिया गया था। सुतिया के विधायक पदम हजारिका अपने प्रशिक्षित सात हाथियों में से एक की पीठ पर बैठकर इस ऑपरेशन का हिस्‍सा बने थे।

विधायक ने ट्रैंक्विलाइजर का किया था इस्तेमाल
हाथियों को हैंडल करने में अनुभवी हजारिका ने न सिर्फ लादेन का पता लगाने में अपनी विशेषज्ञता का इस्तेमाल किया बल्कि लादेन को बेहोश करने के लिए उन्‍होंने भी एक डार्ट अपनी बंदूक से फायर किया था। मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने भी उन्हें इस ऑपरेशन के लिए बधाई दी थी।

कार्यकर्ताओं ने उठाए सवाल- विधायक ऑपरेशन में कैसे हुए शामिल
हाथी की मौत की खबर फैलते ही वाइल्डलाइफ ऐक्टिविस्टों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने वन विभाग से स्पष्टीकरण मांगा है कि लादेन को कैद करने के ऑपरेशन में विधायक को क्यों शामिल किया गया जबकि इस काम के लिए विशेषज्ञों की एक टीम पहले ही गठित की जा चुकी थी। बीजेपी विधायक ने इसे खारिज करते हुए कहा कि ट्रैंक्विलाइजर का हाथी की मौत से कोई लेना-देना नहीं है।

Source: National

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