शिवाजी…स्वाभिमान, शिवसेना का BJP पर वार

मुंबई
दिग्‍गज नेता बालासाहेब ठाकरे और मुगलों को धूल चटाने वाले छत्रपति शिवाजी, ये दो शख्सियतें हैं जिनके इर्द-गिर्द ही पूरे महाराष्‍ट्र की सियासत घूमती है। कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर महाराष्‍ट्र में सरकार बनाने जा रही शिवसेना ने रविवार को इन दोनों दिग्‍गजों के बहाने लंबे समय तक अपनी सहयोगी रही बीजेपी पर तीखा हमला बोला। शिवसेना ने कहा कि बीजेपी ने अपने शासन काल के दौरान शिवाजी की उपेक्षा की। शिवसेना ने खुद को बाल ठाकरे और शिवाजी का सच्‍चा उत्‍तराधिकारी बताया।

बाल ठाकरे की पुण्‍यतिथि पर शिवसेना प्रवक्‍ता संजय राउत ने पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ में लिखे अपने लेख में कहा, ‘बीजेपी ने चुनाव के दौरान शिवाजी के वंशज उदयनराजे को पार्टी में शामिल कर प्रचार किया कि केवल उन्‍हें (बीजेपी को) शिवाजी का आशीर्वाद प्राप्‍त है। प्रधानमंत्री मोदी ने सतारा की सभा में कहा कि उदयनराजे के आने से शिवाजी भी उनके साथ आ गए हैं। सतारा की जनता ने उदयनराजे भोंसले को पराजित किया। यह हार छत्रपति शिवाजी के विचारों की नहीं बल्कि व्‍यक्ति की थी।’

‘शिवाजी का स्‍वामित्‍व किसी एक पार्टी के पास नहीं’
उन्‍होंने कहा कि शिवाजी को हमने एक दायरे में बैठाने का प्रयत्‍न किया। शिवाजी के नाम का इस्‍तेमाल राजनीतिक व्‍यापार में किया जा चुका है। उन्‍होंने देवेंद्र फडणवीस सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि गुजरात में सरदार पटेल का विशाल स्‍मारक बनाया गया लेकिन ‘युगपुरुष’ शिवाजी महाराज के समुद्र में बनने वाले स्‍मार‍क की एक ईंट भी नहीं रखी गई। शिवाजी के जैसा कोई ‘योद्धा’ हुआ ही नहीं। शिवाजी महाराज ने हर लड़ाई सत्‍ता के लिए नहीं बल्कि स्‍वाभिमान के लिए भी लड़ी थी।

शिवसेना नेता ने कहा, ‘शिवाजी महाराज के नाम से राज्‍य चलता है। उनके नाम की शपथ ली जाती है, वचन दिया जाता है और वचन लिया जाता है। वे (बीजेपी) वचन न निभाने वाले नेता के रूप में घूम रहे हैं, जिससे महाराष्‍ट्र का अधोपतन शुरू हो गया है। ऐसा समझना होगा। महाराष्‍ट्र ने स्‍वामी कार्य को प्राथमिकता दी और उस पर आज काम शुरू हो गया है। राउत ने कहा, ‘शिवाजी महाराज का स्‍वामित्‍व किसी एक पार्टी के पास नहीं है। महाराष्‍ट्र की 11 करोड़ मराठी जनता ही शिवराय का वंश है। शिवराय ही महाराष्‍ट्र के स्‍वामी हैं। स्‍वामी को जो चाहिए वही होगा।’

Source: National

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