बरसाना की लट्ठमार होली को राजकीय मेले का स्वरूप देने में जुटी योगी सरकार


बरसाना की को राज्य सरकार राजकीय मेले का स्वरूप देने में जुट गई है। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2018 में एक कार्यक्रम के दौरान ब्रजवासियों की मांग पर बरसाना की लट्ठमार होली को औपचारिक रूप से राजकीय मेला घोषित किया था।

इस संबंध में शासन स्तर से जिला प्रशासन को भेजे गए एक पत्र में तीन प्रमुख बिन्दुओं पर आख्या मांगी गई है। बरसाना की लट्ठमार होली को पूरी तरह से एक राजकीय मेले का रूप दे कर और उसका समुचित प्रचार-प्रसार कर अधिकाधिक सैलानियों को आकर्षित किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2018 में बरसाना में पहली लट्ठमार होली का भव्य आयोजन किया था। इसके अलावा नन्दगांव सहित मथुरा के अनेक तीर्थस्थलों पर होली से जुड़े विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए थे।

‘देश-विदेश में लोकप्रिय बनाने का प्रयास’
जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र ने बताया, ‘अब सरकार देश- विदेश में लोकप्रिय बरसाना और नन्दगांव की होली को देश में होने वाले अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजनों के बराबर दर्जे पर आयोजित कर एक नई पहचान दिलाना चाहती है। इसके लिए सरकार सभी जरूरी संसाधन जुटाने की पहल कर रही है।’

‘प्रक्रिया हुई शुरू’
अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) सतीश कुमार त्रिपाठी ने बताया, ‘बरसाना की होली को न केवल पूर्ण राजकीय मेला करार देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, बल्कि इस संबंध में ब्रजवासियों की भावनाओं को भी शामिल करने के लिए उनकी राय मांगी गई हैं। इसीलिए शासन की अपेक्षा के अनुरूप रिपोर्ट तैयार कर भेजी जा रही है।’

दुनिया भर से सैलानी आते हैं
बता दें कि बरसाना और नन्दगांव के हुरियार (होली खेलने वाले पुरुष) और हुरियारिनों (होली खेलने वाली महिलाएं) के मध्य पारम्परिक रूप से सदियों से होती आ रही लट्ठमार होली को देखने के लिए दुनिया भर सैलानी यहां आते हैं।

Source: Uttarpradesh

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