रामपुर में रैली के दौरान आजम खान का छलका दर्द, 'कब्र में जाने से पहले हिसाब होगा'

रामपुर
कई मामलों में एसआईटी जांच झेल यूपी के रामपुर से सांसद रैली के दौरान भावुक हो गए। रामपुर के किला मैदान में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए आजम खान ने रोते हुए लोगों से पूछा, ‘मुझे इतना बता दो कि आखिर मेरी खता क्या है? सिर्फ इतनी की तुम्हारे बच्चों के हाथों में कलम दी।’ उन्होंने आगे कहा, ‘मेरी आवाज को कमजोर मत होने दो, मुझे थकने मत दो।’ उन्होंने कहा कि कब्र में जाने से पहले हिसाब होगा।

रामपुर के किला मैदान में चुनावी रैली में आजम खान ने कहा, ‘मेरे माथे पर लिखी बदनसीबी को पढ़ने को कोशिश करो। पूरे हिंदुस्तान के लोगों से, बुद्धिजीवियों से, इंसाफ देने वालों से जानना चाहता हूं कि मेरी खता क्या है? मुझे इंसाफ दो।’ उन्होंने आगे कहा, ‘इंसानियत और इंसान के लिए लड़ने वाला एक बेसहारा शख्स जो आज से 45 साल पहले तुम्हारे आंसू पोंछने आया था। वह कई बार बीमार भी हुआ, हिम्मत ने जवाब देना चाहा लेकिन पीछे मुड़कर देखा तो एक 102 बरस का बुजुर्ग सीधा खड़ा था। उसने पीठ पर हाथ रखकर कहा, आगे चलो अभी मंजिल बहुत दूर है।’

आजम ने खुद को खुली किताब बताया। उन्होंने कहा, ‘एक ऐसी किताब जिसका एक भी लफ्ज और अक्षर मिटा नहीं है। इस किताब को झुठलाने वालों अपने जमीर से पूछों कि कहां खड़े हो। तुम सरकार के चलाने वालों, शासन और प्रशासन कहने वालों एक बार खुद को सवाल करो।’ उन्होंने आगे कहा कि मैं रहा या न रहा लेकिन इस मजमे की तस्वीर रहेगी।

आजम ने कहा, ‘चंद कदम के फासले पर यह एक इमारत है जो 40 बरस से सवालिया निशान बनी हुए थी। मैंने तुम्हारे बच्चों को इस दरवाजे के अंदर दाखिल कर दिया यह मेरा गुनाह था। उनके हाथ में कलम दे दी, यह मेरा गुनाह था।’ उन्होंने कहा कि मुझसे ज्यादती इंतकाम लेने वालों याद रखना मरने के बाद कब्र में जाने से पहले हिसाब होगा।

बता दें कि आजम खान के खिलाफ 80 से अधिक मामलों में एफआईआर दर्ज हो चुकी है। पिछले दिनों इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आजम खान को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ 29 मामलों में गिरफ्तारी से रोक लगाई थी। उनके खिलाफ कई मामलों की जांच भी चल रही है। एक मामले में वह शुक्रवार को रामपुर के महिला थाने में एसआईटी के सामने पेश हुए थे। आजम अब तक 5 बार एसआईटी के सामने पेश हो चुके हैं। आजम खान ने आरोप लगाया कि उनके ऐसी बहुत सी जानकारियां मांगी जा रही हैं जिनका केस से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि यह हमारा अपमान हो रहा है।

बता दें कि रामपुर 21 अक्टूबर को यूपी की 11 सीटों पर उपचुनाव होने हैं। रामपुर शहर की विधानसभा सीट भी इसमें शामिल है जो आजम खान के लोकसभा सांसद निर्वाचित होने के बाद खाली हुई है। इस सीट से समाजवादी पार्टी ने आजम खान की पत्नी तंजीन फातिमा को उम्मीदवार बनाया है। चुनाव प्रचार की कमान आजम खान और उनके परिवार के हाथ में है, जिसमें जिला प्रशासन की कार्रवाई को लेकर लोगों की सहानुभूति कैश लगाने में जुटे हुए हैं।

Source: Uttarpradesh

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