रायपुर :- प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संयुक्त महासचिव विनोद तिवारी ने बताया की छत्तीसगढ़ में बिक रहे सादे गुट्खा भी नुक्सान देह है हम लोगों द्वारा गुटखे के खिलाफ लगातार मुहिम चलाई गई l
सादा गुट्खे का सेम्पल फेल होने की वजह से कई राज्यों में सादा गुट्खा प्रतिबंधित हुआ है l सादा गुटखा भी जानलेवा जहर की तरह है छत्तीसगढ़ में भी सेम्पल फेल हुआ है जनता के स्वस्थ को ध्यान में रखते हुए यहाँ भी जनहित में सादा गुट्खा प्रतिबंधित होना चाहिये क्यूँकि इसका सेवन करने वाले इसके घातक नतीजों से अनभिज्ञ है
भाजपा सरकार के समय आवेदन-निवेदन और धरना प्रदर्शन सब कुछ किया गया पर भाजपा सरकर के संरक्षण में खुले आम जर्दा युक्त गुटखा बिकता रहा संगठित रूप से गुटखा माफिया सरकार और अधिकारी लोगों को गुटखे के माध्य से मौत बांटते रहे l
बार-बार शिकायत के बाद कोई कार्यवाही ना होने पर हम लोगों द्वारा निगरानी कर 2 बार छापा मरवा कर 80 लाख पाउच गुट्खा जप्त करवाया गया उसे भी सरकार के इशारे पर अधिकारी लीपा पोती करने में जुट रहे हम लोगों द्वारा जप्त करवाये गये गुट्खे का सेम्पल भी फैल रहा l उसमें भारी मात्रा में मेग्निशियम कार्बोनेट नामक रसायन पाया गया
उपरोक्त मामले को लेकर हम लोगों ने 3 बार पूर्व विभागीय सचिव से पुख़्ता प्रमाण के साथ शिकायत की पर कोई कार्यवाही नहीं हुई कार्यवाही की माँग को लेकर 3 बार पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अजय चन्द्राकर का घेराव भी किया गया पर उल्टा पुलिस द्वारा हम लोगों पर ही मामले दर्ज कर जेल भेजा गयाl पर गुटखा माफियों एवं सरक्षण देने वालों पे कोई कार्यवाही नहीं हुई l
गुटखा जब्ती के मामले में अधिकारियों ने नियम और विधी विरुद्ध कार्य किया l 16 मामले एडीएम के सामने प्रस्तुत कर दिया गया जबकि नियमता ये मामले सीजीएम न्यायालय में प्रस्तुत करना था l अधिकारियों ने गुटखा मामले में फंसे गुटखा माफियों को छोटा जुर्माना लगवा बचा लिया गया जबकि मैगनेशियम कार्बोनेट रसायन युक्त गुट्खा के मामलों मे आजीवन कारावास का भी प्रावधान है पर भाजपा सरकार इन कृत्यों को मौन स्वीकृत देती रही
हम लोगों द्वारा सादा गुट्खा (1) रजनीगंधा पान मसाला (2) विमल पान मसला (3 ) पान पराग पान मसाला (4) पान बहार पान मसाला (5) राज श्री पान मसाला (6 ) नज़र पान मसाला (7) पान राज 1000 पान मसाला की सैंपलिंग कालीबाड़ी स्थित सरकारी लैब में करवाई गई जिसमें गुट्खा का सेम्पल फ़ेल हुआ जिसकी पुख़्ता जानकारी खाद्य औषधि विभाग के ज़िम्मेदार अधिकारियों को जाँच के दौरान हुई उसके बाद भी कोई कार्यवाही नही हुई जबकि समय समय पर इस तरह के सेम्पलिंग की ज़िम्मेदारी खाद्य औषधि विभाग की होती है जाँच मे मेग्निशियम कार्बोनेट नामक रसायन की मात्रा पाई गई उसके बाद भी विभाग द्वारा कोई कार्यवाही ना कर चुपी साध ली गई तब हम लोगों द्वारा पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर को शिकायत की गई पर उनके द्वारा भी कोई कार्यवाही नही की गई बल्कि जानबूझकर लैब में गुट्खा जाँच की फ़ीस भी बढ़ा दी गई थी ताकि आगे से आम लोग सेम्पलिंग ना करवा सके 5 रुपये की जगह 6 हज़ार कर दिया गया जबकि मध्यप्रदेश में सेम्पलिंग का 5 रुपया ही लगता था भाजपा सरकार द्वारा पैसे के लालच में गुट्खा माफ़ियाओ से साँठ गाँठ कर लोगों की ज़िंदगी से खिलवाड़ करते रहे l

