दीपावली पर 8 और 9 नवंबर को दो जगहों पर मिलेगा निशुल्क प्राथमिक उपचार और चिकित्सकीय परामर्श, 36 साल से जारी है सेवा

दीपावली पर 8 और 9 नवंबर को दो जगहों पर मिलेगा निशुल्क प्राथमिक उपचार और चिकित्सकीय परामर्श, 36 साल से जारी है सेवा


रायपुर।
दीपावली के दौरान पटाखों से जलने वाले लोगों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कालडा प्लास्टिक कॉस्मेटिक एवं बर्न सेंटर के संचालक डॉ. सुनील कालडा ने 8 और 9 नवंबर को निशुल्क प्राथमिक उपचार एवं चिकित्सकीय परामर्श देने की घोषणा की है। यह सुविधा पचपेड़ी नाका, धमतरी रोड स्थित कलर्स मॉल के पास और जीई रोड पर राजकुमार कॉलेज के सामने स्थित अस्पताल में मिलेगी।
डॉ. कालडा ने लोगों से पटाखे जलाते समय सावधानी बरतने और बच्चों को अकेले पटाखे नहीं चलाने देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पटाखों से जलने पर प्रभावित हिस्से पर तुरंत पानी डालना चाहिए और चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। उल्लेखनीय है कि डॉ. कालडा पिछले 36 वर्षों से पटाखों से झुलसे लोगों का निशुल्क उपचार कर रहे हैं। इस सेवा के लिए उन्हें गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है।
दीपावली पर दो दिन मिलेगी निशुल्क सेवा
दीपावली का त्योहार खुशियों का त्योहार है, लेकिन हर साल पटाखों की वजह से कई लोग झुलस जाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार भी 8 और 9 नवंबर को निशुल्क सेवा की व्यवस्था की गई है। इन दो दिनों में पटाखों से झुलसे लोगों का प्राथमिक उपचार किया जाएगा और उन्हें आगे के इलाज के लिए सही सलाह दी जाएगी।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार इस दौरान डॉक्टरों की टीम मौजूद रहेगी। मामूली रूप से झुलसे लोगों को मौके पर ही उपचार दिया जाएगा। ज्यादा गंभीर मामलों में मरीज को भर्ती कर उचित इलाज की व्यवस्था की जाएगी। सेवा का उद्देश्य यह है कि पैसे की कमी या डॉक्टर के न मिलने की वजह से किसी का इलाज न रुके।
दो जगहों पर होगी व्यवस्था, ताकि लोगों को न भटकना पड़े
इस बार निशुल्क उपचार की सुविधा दो जगहों पर रखी गई है। पहली जगह पचपेड़ी नाका, धमतरी रोड स्थित कलर्स मॉल के पास है और दूसरी जगह जीई रोड पर राजकुमार कॉलेज के सामने स्थित अस्पताल है। दो जगहों पर व्यवस्था होने से शहर के अलग-अलग इलाकों से आने वाले लोगों को सुविधा होगी और उन्हें ज्यादा दूर नहीं जाना पड़ेगा।
त्योहार के दिनों में अक्सर ट्रैफिक और भीड़ की वजह से अस्पताल पहुंचने में देर हो जाती है। इसलिए नजदीक के सेंटर पर जल्दी पहुंचकर उपचार शुरू किया जा सकेगा। अस्पताल की ओर से कहा गया है कि दोनों जगहों पर प्राथमिक उपचार के लिए जरूरी दवाएं, ड्रेसिंग का सामान और अन्य व्यवस्था पहले से रखी जाएगी।
36 साल से लगातार चल रही है यह सेवा
डॉ. कालडा पिछले 36 वर्षों से पटाखों से झुलसे लोगों का निशुल्क उपचार कर रहे हैं। यह सेवा एक या दो साल की नहीं, बल्कि लगातार कई सालों से बिना रुके चल रही है। हर दीपावली पर टीम तैयार रहती है और झुलसे लोगों की मदद की जाती है।
लंबे समय तक लगातार सेवा करने की वजह से अब लोग भी इस सुविधा के बारे में जानते हैं। दीपावली पर अगर किसी के साथ पटाखों से जलने की घटना होती है तो लोग सीधे इन सेंटरों पर पहुंच जाते हैं। यही वजह है कि इस सेवा को शहर की एक भरोसेमंद पहल के रूप में देखा जाता है।
गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुई सेवा
इस लगातार सेवा के लिए डॉ. कालडा को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है। यह सम्मान इस बात का प्रमाण है कि यह सेवा सिर्फ शहर तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है।
रिकॉर्ड में इस सेवा को इसलिए जगह मिली, क्योंकि इतने लंबे समय तक हर साल निशुल्क उपचार करना आसान काम नहीं है। इसके लिए डॉक्टरों की टीम, संसाधन और लगातार समर्पण की जरूरत होती है। इस सम्मान के बाद इस पहल की चर्चा और ज्यादा हुई और दूसरे शहरों के डॉक्टर भी इससे प्रेरणा ले रहे हैं।
पटाखे जलाते समय बरतें सावधानी, बच्चों को न छोड़ें अकेला
डॉ. कालडा ने लोगों से पटाखे जलाते समय सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बच्चों को अकेले पटाखे नहीं चलाने देना चाहिए। बच्चों के साथ हमेशा कोई बड़ा व्यक्ति रहना चाहिए। खुले मैदान में पटाखे जलाने चाहिए और भीड़भाड़ वाली जगह पर पटाखे नहीं जलाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि पटाखों से जलने पर प्रभावित हिस्से पर तुरंत साफ पानी डालना चाहिए। जले हुए हिस्से पर टूथपेस्ट, तेल, हल्दी या कोई घरेलू चीज नहीं लगानी चाहिए। कपड़े अगर शरीर से चिपक गए हों तो उन्हें जबरदस्ती नहीं खींचना चाहिए। तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।

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