दीवान तालाब के टो-वॉल निर्माण में गुणवत्ता पर उठे सवाल, नगरपालिका से जांच की मांग
सरियों की दूरी ने खड़े किए सवाल, अधिकारी और ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग तेज
कांकेर – शीतलापारा वार्ड स्थित दीवान तालाब में निर्माणाधीन टो-वॉल की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। निर्माण स्थल की तस्वीर में सरियों के बीच अधिक दूरी नजर आने से निर्माण की मजबूती और तकनीकी मानकों के पालन पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ऐसे में निर्माण कार्य की गुणवत्ता की अनदेखी की आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। स्थानीय नागरिकों ने इस मामले में नगरपालिका से तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है।
तस्वीर में दिखी सरियों के बीच ज्यादा दूरी
निर्माण स्थल से सामने आई तस्वीर में सरियों के बीच की दूरी सामान्य से अधिक दिखाई दे रही है। इससे दीवार की मजबूती को लेकर आशंका जताई जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि टो-वॉल में सरियों की दूरी और मोटाई मानकों के अनुसार नहीं रखी गई तो भविष्य में तालाब की सुरक्षा और दीवार के टिकाऊपन पर असर पड़ेगा।
जनता के पैसे से हो रहे निर्माण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
जनता के पैसों से होने वाले निर्माण में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है। सवाल यह है कि क्या निर्माण कार्य स्वीकृत एस्टीमेट और तकनीकी मानकों के अनुरूप हो रहा है। संबंधित अधिकारी निर्माण कार्य की निगरानी किस स्तर पर कर रहे हैं। नियमित निरीक्षण हो रहा है या नहीं, यह भी जांच का विषय है।
नगरपालिका से निष्पक्ष जांच की मांग
नागरिकों ने मांग की है कि नगरपालिका तत्काल संज्ञान ले और वरिष्ठ तकनीकी अधिकारियों से निर्माण स्थल का निरीक्षण कराकर सरियों की दूरी, मोटाई तथा निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच कराए। जांच में अनियमितता या लापरवाही प्रमाणित होने पर संबंधित ठेकेदार के साथ जिम्मेदार अधिकारियों पर भी नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए।
जवाबदेही तय करने और रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग
मांग स्पष्ट है, निर्माण की गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त न हो, जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए और दोषियों को संरक्षण देने के बजाय जवाबदेही तय की जाए। सरकारी राशि का सदुपयोग और निर्माण की मजबूती सुनिश्चित करना नगरपालिका की जिम्मेदारी है। लोगों ने कहा कि दीवान तालाब शहर का महत्वपूर्ण तालाब है, इसके संरक्षण के लिए हो रहे कार्य में गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए।
कांकेर – शीतलापारा वार्ड स्थित दीवान तालाब में निर्माणाधीन टो-वॉल की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। निर्माण स्थल की तस्वीर में सरियों के बीच अधिक दूरी नजर आने से निर्माण की मजबूती और तकनीकी मानकों के पालन पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ऐसे में निर्माण कार्य की गुणवत्ता की अनदेखी की आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। स्थानीय नागरिकों ने इस मामले में नगरपालिका से तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है।
तस्वीर में दिखी सरियों के बीच ज्यादा दूरी
निर्माण स्थल से सामने आई तस्वीर में सरियों के बीच की दूरी सामान्य से अधिक दिखाई दे रही है। इससे दीवार की मजबूती को लेकर आशंका जताई जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि टो-वॉल में सरियों की दूरी और मोटाई मानकों के अनुसार नहीं रखी गई तो भविष्य में तालाब की सुरक्षा और दीवार के टिकाऊपन पर असर पड़ेगा।
जनता के पैसे से हो रहे निर्माण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
जनता के पैसों से होने वाले निर्माण में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है। सवाल यह है कि क्या निर्माण कार्य स्वीकृत एस्टीमेट और तकनीकी मानकों के अनुरूप हो रहा है। संबंधित अधिकारी निर्माण कार्य की निगरानी किस स्तर पर कर रहे हैं। नियमित निरीक्षण हो रहा है या नहीं, यह भी जांच का विषय है।
नगरपालिका से निष्पक्ष जांच की मांग
नागरिकों ने मांग की है कि नगरपालिका तत्काल संज्ञान ले और वरिष्ठ तकनीकी अधिकारियों से निर्माण स्थल का निरीक्षण कराकर सरियों की दूरी, मोटाई तथा निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच कराए। जांच में अनियमितता या लापरवाही प्रमाणित होने पर संबंधित ठेकेदार के साथ जिम्मेदार अधिकारियों पर भी नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए।
जवाबदेही तय करने और रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग
मांग स्पष्ट है, निर्माण की गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त न हो, जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए और दोषियों को संरक्षण देने के बजाय जवाबदेही तय की जाए। सरकारी राशि का सदुपयोग और निर्माण की मजबूती सुनिश्चित करना नगरपालिका की जिम्मेदारी है। लोगों ने कहा कि दीवान तालाब शहर का महत्वपूर्ण तालाब है, इसके संरक्षण के लिए हो रहे कार्य में गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए।

