डॉ. डी. नागेश्वर रेड्डी से मिले कांकेर के वरिष्ठ पत्रकार गणेश तिवारी, माता शशि तिवारी भी रहीं साथ

डॉ. डी. नागेश्वर रेड्डी से मिले कांकेर के वरिष्ठ पत्रकार गणेश तिवारी, माता शशि तिवारी भी रहीं साथ


पद्म विभूषण से सम्मानित विश्व प्रसिद्ध गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट से शिष्टाचार भेंट, चिकित्सा क्षेत्र में योगदान की हुई चर्चा
कांकेर।
हैदराबाद स्थित एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी के अध्यक्ष और विश्व प्रसिद्ध गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉ. डी. नागेश्वर रेड्डी से छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के वरिष्ठ पत्रकार गणेश तिवारी ने मुलाकात की। गणेश तिवारी छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष व राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक अमर स्तम्भ अखबार के उप संपादक और अखिल भारतीय हिंदू परिषद के प्रदेश संगठन महामंत्री एवं रुद्र सेना के प्रदेश संगठन महामंत्री हैं। इस मुलाकात के दौरान उनकी माता शशि तिवारी भी साथ में मौजूद रहीं। दोनों ने डॉक्टर से स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के विषय पर चर्चा की।
मुलाकात का पूरा विवरण
बताया जा रहा है कि यह मुलाकात हैदराबाद के एआईजी हॉस्पिटल में हुई। कांकेर से गए वरिष्ठ पत्रकार गणेश तिवारी ने डॉ. रेड्डी को छत्तीसगढ़ की पत्रकारिता और सामाजिक गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। साथ ही उन्होंने बस्तर अंचल में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी चर्चा की। डॉ. रेड्डी ने भी बहुत ही आत्मीयता के साथ दोनों से भेंट की और अपने अनुभव साझा किए। माता शशि तिवारी ने भी डॉक्टर के कार्यों की सराहना की। यह मुलाकात पूरी तरह से शिष्टाचार और सम्मान भेंट के रूप में रही।
कौन हैं डॉ. डी. नागेश्वर रेड्डी – जीवन परिचय
डॉ. डी. नागेश्वर रेड्डी का जन्म हैदराबाद में हुआ था। उन्होंने चिकित्सा की पढ़ाई में हमेशा उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। गैस्ट्रोएंटरोलॉजी यानी पेट और आंतों से संबंधित रोगों के विशेषज्ञ के रूप में उन्होंने देश और दुनिया में अलग पहचान बनाई। उन्होंने ही भारत में सबसे पहले कई तरह की एडवांस एंडोस्कोपी तकनीकों की शुरुआत की। आज हैदराबाद का एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, जिसे एआईजी हॉस्पिटल के नाम से जाना जाता है, पूरे एशिया का सबसे बड़ा पेट रोगों का अस्पताल माना जाता है, जिसके संस्थापक और अध्यक्ष डॉ. रेड्डी ही हैं। हजारों गरीब मरीजों का उन्होंने कम खर्च में इलाज करवाकर नया जीवन दिया है।
पद्म पुरस्कारों की हैट्रिक लगाने वाले पहले डॉक्टर
डॉ. डी. नागेश्वर रेड्डी की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि वे भारत के एकमात्र ऐसे डॉक्टर हैं जिन्हें तीनों पद्म पुरस्कार मिले हैं। भारत सरकार ने उन्हें 2002 में पद्म श्री, 2016 में पद्म भूषण और 2025 में देश के दूसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया है। इसके अलावा अक्टूबर 2026 में उन्हें चिकित्सा, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए मानद फेलोशिप से भी सम्मानित किया गया है। उन्हें विश्व एंडोस्कोपी संगठन का लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार और अमेरिकन सोसाइटी ऑफ गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल एंडोस्कोपी द्वारा मास्टर एंडोस्कोपिस्ट पुरस्कार भी मिल चुका है।
चिकित्सा जगत में क्रांतिकारी योगदान
डॉ. रेड्डी ने भारत में गैस्ट्रोएंटरोलॉजी को एक नए मुकाम पर पहुंचाया है। उन्होंने एंडोस्कोपी के क्षेत्र में कई नए आविष्कार किए हैं जिससे बिना ऑपरेशन के पेट के जटिल रोगों का इलाज संभव हो पाया है। उनके द्वारा प्रशिक्षित हजारों डॉक्टर आज देश-विदेश में सेवा दे रहे हैं। एआईजी हॉस्पिटल में रोजाना सैकड़ों मरीजों का इलाज होता है और यहां विदेशों से भी लोग इलाज कराने आते हैं। उनका मानना है कि अच्छी चिकित्सा हर गरीब तक पहुंचनी चाहिए, इसी सोच के साथ वे काम करते हैं।
छत्तीसगढ़ के पत्रकार की मुलाकात के मायने
कांकेर जैसे छोटे जिले के पत्रकार का विश्व प्रसिद्ध डॉक्टर से मिलना अपने आप में बड़ी बात है। गणेश तिवारी लगातार पत्रकारिता और समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उनकी यह मुलाकात न केवल व्यक्तिगत सम्मान की बात है, बल्कि इससे छत्तीसगढ़ और हैदराबाद के बीच स्वास्थ्य जागरूकता को लेकर भी नए रास्ते खुल सकते हैं। इस मुलाकात की पूरे पत्रकार जगत और सामाजिक संगठनों में चर्चा हो रही है और लोग इसे गर्व की बात बता रहे हैं।

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