हौसले की ऊंची उड़ान, प्रियांशु सिंह देव ने रायपुर में बनाई पहचान
कांकेर की प्रतिभा ने जीता नटवर गोपीकृष्णा नेशनल अवार्ड, भरतनाट्यम में हासिल किया प्रथम पुरस्कार
कांकेर।
कांकेर जिले के लिए गौरव का क्षण सामने आया है। जिले की प्रतिभावान नृत्यांगना प्रियांशु सिंह देव ने राजधानी रायपुर में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा समर्थित इस प्रतिष्ठित आयोजन में देश भर के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था।
राष्ट्रीय मंच पर कांकेर की बेटी का जलवा
रायपुर के रंगमंदिर ऑडिटोरियम में 16 से 27 अक्टूबर 2026 तक नटवर गोपीकृष्णा नेशनल अवार्ड और नृत्यानंदलहरी डांस फेस्ट 2026 का आयोजन किया गया था। इस आयोजन को ऑल इंडिया डांसर्स एसोसिएशन और नवीन शासकीय संगीत महाविद्यालय दुर्ग के सहयोग से कराया गया था। इस अंतर्राष्ट्रीय संगीत और नृत्य प्रतियोगिता में प्रियांशु सिंह देव ने भरतनाट्यम शैली में अपनी प्रस्तुति दी और निर्णायक मंडल को मंत्रमुग्ध कर दिया।
भरतनाट्यम में प्रथम स्थान प्राप्त कर जीता दिल
प्रियांशु सिंह देव ने सोलो डांस कैटेगरी में भरतनाट्यम नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी। उसकी भाव-भंगिमा, ताल और लय ने सभी को प्रभावित किया। प्रतियोगिता में उसे प्रथम स्थान और ए ग्रेडेशन के साथ सम्मानित किया गया। इसके लिए उसे ट्रॉफी और सर्टिफिकेट ऑफ मेरिट प्रदान किया गया। सर्टिफिकेट पर कला के माध्यम से विविधता में एकता का संदेश भी दिया गया है।
आर एस क्षत्रिय की पुत्री ने किया जिले को गौरवान्वित
प्रियांशु सिंह देव कांकेर निवासी आर एस क्षत्रिय की पुत्री है। बचपन से ही उसे नृत्य के प्रति लगाव रहा है। कठिन परिश्रम और निरंतर अभ्यास के बल पर उसने यह मुकाम हासिल किया है। उसकी इस उपलब्धि पर परिवार के साथ-साथ पूरे कांकेर जिले में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों ने इसे कांकेर की प्रतिभा की पहचान बताया है।
संस्कृति मंत्रालय द्वारा समर्थित प्रतिष्ठित आयोजन
यह आयोजन कोई सामान्य आयोजन नहीं था। इसे संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा समर्थन प्राप्त था। ऑल इंडिया डांसर्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित इस फेस्ट में देश के कई राज्यों के प्रतिभागी शामिल हुए थे। आयोजन का उद्देश्य कला को सेलिब्रेट करना और नई पीढ़ी को प्रेरित करना था। इसी मंच पर प्रियांशु ने अपनी कला का लोहा मनवाया। सर्टिफिकेट पर लिखा संदेश कला हमेशा के लिए जीवित रहती है उन दिलों में जिन्हें वह छूती है, उसकी प्रस्तुति पर सटीक बैठता है।
जिले भर से मिल रही बधाइयां
प्रियांशु सिंह देव की इस बड़ी उपलब्धि के बाद उसे हर तरफ से बधाइयां मिल रही हैं। उसके गुरुजनों, परिजनों और शुभचिंतकों ने उसकी उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। लोगों का कहना है कि कांकेर जैसे छोटे जिले से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार लाना हौसले की ऊंची उड़ान है। आने वाले समय में वह अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी जिले और प्रदेश का नाम रोशन करेगी।

