धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस पर बाबा साहेब को किया नमन, सामूहिक वंदना और सलामी के साथ मनाया गया पर्व

धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस पर बाबा साहेब को किया नमन, सामूहिक वंदना और सलामी के साथ मनाया गया पर्व

भारतीय बौद्ध महासभा एवं समता सैनिक दल का आयोजन, विभिन्न वार्डों से पहुंचे समाजजन; कार्यक्रमों के लिए 10 हजार रुपये का धम्मदानरायपुर। धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस के अवसर पर 14 अक्टूबर को भारतीय बौद्ध महासभा जिला इकाई रायपुर एवं समता सैनिक दल रायपुर द्वारा डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर चौक, कचहरी में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान समाज के लोगों ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। कार्यक्रम में सामूहिक वंदना, सलामी और विचारों के माध्यम से धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस के ऐतिहासिक महत्व को याद किया गया।कार्यक्रम की शुरुआत उपस्थित पदाधिकारियों एवं समाजजनों द्वारा बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। इसके बाद पूज्य भदंत धम्मसेवक थेरो के मार्गदर्शन में सामूहिक वंदना की गई। समता सैनिक दल के सदस्यों ने सलामी देकर बाबा साहेब के प्रति सम्मान व्यक्त किया।बाबा साहेब के धम्म परिवर्तन के ऐतिहासिक दिन को किया याद14 अक्टूबर 1956 को नागपुर में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने लाखों अनुयायियों के साथ बौद्ध धम्म की दीक्षा ली थी। इसी ऐतिहासिक घटना की स्मृति में प्रतिवर्ष धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस मनाया जाता है। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने इस दिन के महत्व पर अपने विचार रखते हुए बाबा साहेब के बताए मार्ग पर चलने, शिक्षा को प्राथमिकता देने तथा समाज में समानता और भाईचारे की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया।कार्यक्रमों के लिए 10 हजार रुपये का धम्मदानधम्मचक्र प्रवर्तन दिवस के अवसर पर सामाजिक सहयोग और धम्म के प्रति समर्पण का उदाहरण भी देखने को मिला। आदरणीय भदंत धम्मसेवक थेरो जी ने भारतीय बौद्ध महासभा जिला इकाई रायपुर को 5,000 रुपये तथा चितरंजन खोब्रागढ़े जी ने 5,000 रुपये की राशि धम्मदान स्वरूप प्रदान की।यह कुल 10,000 रुपये की राशि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर चौक पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में साउंड बॉक्स एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए प्रदान की गई। इस सहयोग से सामाजिक और धम्म संबंधी कार्यक्रमों के आयोजन में मदद मिलेगी।भारतीय बौद्ध महासभा और समता सैनिक दल के पदाधिकारी हुए शामिलकार्यक्रम में भारतीय बौद्ध महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अलका ताई बोरकर, प्रदेश अध्यक्ष भोजराज गौरखेड़े, महासचिव बेनीराम गायकवाड़, कोषाध्यक्ष निलकंठ सिंगांडे, उपाध्यक्ष संजय गजघाटे एवं नरेंद्र बोरकर, जिला अध्यक्ष विजय गजघाटे, महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष उषा उके और जिला कोषाध्यक्ष विनायक वरघट उपस्थित रहे।समता सैनिक दल की ओर से दिलीप रागासे, रतन गोंडाणे, संघसेन दुपारे, रेखा गोंडाणे, कल्पना बंसोड़, तारा बोरकर, पूर्णिमा येसनकर, वीणा राऊत, सुधीर मढ़के एवं भायीजी सहारे सहित अन्य सदस्य शामिल हुए।युवा प्रकोष्ठ के महासचिव अरुण बागड़े के साथ राजकुमार रामटेके, दिलीप टेम्भुर्णे, एन.के. बोरकर, दीपक बंसोड़, अनिल बंसोड़, के.आर. उके, पी.पी. गोंडाणे, आशु गजभिये, राजू रामटेके, डी.सी. मेश्राम, विनोद भिमटे, भूषण लाल देवांगण, मिलिंद माटे, रामभाऊ डोंगरे, अधिवक्ता संजय गजभिये, प्रमोद घरडे, एम.के. गजभिये, सुनील गणवीर, आनंद मेश्राम और प्रशांत शंभरकर सहित अनेक समाजजन मौजूद रहे।महिला समिति और समाजजनों की रही सहभागिताकार्यक्रम में महिला समिति से माया पाटिल, पुष्पा सतदेवे, पुष्पा वैद्य, विजयलक्ष्मी रामटेके, सरिता गौर, रेखा चिचंखेडे, रमा दुपारे, वैशाली दिनेश मेश्राम, जोसना कामंडे, अंशु गजभिये, रीना दामले, संध्या बड़ोले, सारिका रंगारी, वैशाली गवई, सिंधु रागासे, विजया डोंगरे, छाया आगरेकर, रोहिणी बोरकर, सपना सोनपिपरे, मंगला गोंडाणे, अरुणा एवं अनिता मेश्राम सहित अन्य महिलाएं उपस्थित रहीं।इसके अलावा मदनलाल मेश्राम, पुरुषोत्तम डोंगरे, राहुल वरके, राजू भावे, अविनाश थुल, अविनाश फुलझेले, महेश बोरकर, कृष्णा चिचंखेडे, विनोद मेश्राम, अधिवक्ता राष्ट्रपाल वांदरे, वैशाली मेश्राम, अरुणा राव एवं नीना मेश्राम सहित अन्य सहयोगियों का विशेष योगदान रहा।कार्यक्रम में रायपुर के विभिन्न वार्डों से समाज के गणमान्यजन शामिल हुए। आयोजन के माध्यम से बाबा साहेब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने, बौद्ध धम्म के संदेश को आगे बढ़ाने तथा समाज में शिक्षा, समानता और आपसी एकता को मजबूत करने का संदेश दिया गया। वहीं, धम्मदान के माध्यम से कार्यक्रमों की आवश्यक व्यवस्थाओं में सहयोग कर सामाजिक सहभागिता का परिचय दिया गया।

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