छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी
*पीएम किसान मानधन योजना में छत्तीसगढ़ के 25 लाख किसान पात्र, लेकिन पंजीयन सिर्फ 2.02 लाख क्यों? – कांग्रेस*
*किसान विरोधी भाजपा का गणित साफ है-काम 8 परसेंट, और वाहवाही 100 परसेंट*
रायपुर/01 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के 92 प्रतिशत गरीब किसानों को प्रधानमंत्री मानधन योजना के तहत पेंशन सुरक्षा से पूरी तरह वंचित करने का आरोप लगाते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भाजपा की ‘डबल इंजन’ सरकार का असली चेहरा अब आंकड़ों में बेनकाब हो चुका है। यह सरकार प्रदेश के 25 लाख छोटे और सीमांत किसानों के हितों को बाधित कर रही है। प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना के नाम पर केवल ढिंढोरा पीटा जा रहा है। छत्तीसगढ़ में 25 लाख पात्र किसान हैं, लेकिन पंजीयन मात्र 2 लाख 2 हजार का हुआ है। यानी अब तक 23 लाख किसान इस पेंशन योजना से बाहर हैं। यह योजना नहीं, भाजपा का एक और चुनावी जुमला है जहाँ काम 8 परसेंट ही हुआ है और ढिंढोरा 100 परसेंट पीटा जा रहा है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि सरकार की अकर्मण्यता, प्रशासनिक निष्क्रियता, कृषि विभाग में व्यापक प्रचार-प्रसार और जागरूकता अभियानों का अभाव, तथा कॉमन सर्विस सेंटरों (सीएससी) की तकनीकी खामियों के चलते यह योजना केवल कागजों तक सिमट कर रह गई है। यह केंद्र सरकार की योजना की वैसी ही विफलता है जैसी छत्तीसगढ़ में भाजपा शासन में हो रही है-केवल विज्ञापनों में वाहवाही लूटना और ज़मीन पर क्रियान्वयन शून्य रखना। महतारी वंदन की किस्तों में झोल और धान खरीदी के समय टोकन, रकबा कटौती के बाद अब बुजुर्ग किसानों की सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा पर यह बड़ा आघात है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना’, ‘सुरजी गांव योजना’ और गोबर, सुपर कंपोस्ट, वर्मीकंपोस्ट खरीदी के ज़रिए सीधी वित्तीय सहायता बिना किसी जटिल लालफीताशाही के 26 लाख से अधिक किसानों के खातों में पहुंचाई थी। कांग्रेस ने जो कहा, सीधे किसान के जेब में पहुँचाया, भाजपा सिर्फ कागज़ों पर योजनाएँ चलाती है। इस सरकार में फसल बीमा के नाम पर अवैध वसूली और फर्जीवाड़ा भी सर्वविदित है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि 25 लाख में से सिर्फ 2 लाख किसानों तक पहुँचना यह साबित करता है कि भाजपा का उद्देश्य किसानों को लाभ पहुँचाना नहीं, बल्कि करोड़ों रुपये के विज्ञापन छापकर वाहवाही लूटना है। छत्तीसगढ़ के मेहनकश “माटी पुत्र” किसानों को पेंशन के नाम पर ठगा जा रहा है। केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार छत्तीसगढ़िया अन्नदाता के बुढ़ापे की लाठी छीन रही है। भाजपा सरकार जागरूकता और अंशदान में सब्सिडी देकर पंजीयन क्यों नहीं बढ़ा सकी? क्या भाजपा सरकार छत्तीसगढ़ के बुजुर्ग किसानों को 3,000 पेंशन देने में असमर्थ है?
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि करोड़ों रुपये विज्ञापन और आयोजनों पर खर्च करने वाली साय सरकार ने मानधन योजना के लिए जिला स्तर पर विशेष शिविर क्यों नहीं लगाए? क्या भाजपा सरकार यह स्वीकार करती है कि उसकी जटिल प्रक्रियाओं और प्रचार के अभाव के कारण प्रदेश के 92 प्रतिशत गरीब किसान पेंशन का लाभ पाने से चूक गए? क्या मुख्यमंत्री जी छत्तीसगढ़ के सीमांत किसानों के अंशदान का खर्च राज्य सरकार से वहन कर शत-प्रतिशत पंजीयन कराने का साहस दिखाएंगे?
सुरेंद्र वर्मामुख्य प्रवक्ताछत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटीमोबाइल 98262-74000

