कांकेर में सजी सुरों की महफिल, स्टार गोल्डन सिंगिंग ग्रुप ने दी स्वर श्रद्धांजलि
हेमंत कुमार, महेंद्र कपूर, एसपी बाला और लता मंगेशकर की याद में सेन चौक में गूंजे सदाबहार नगमे
कांकेर। शहर के सेन चौक में स्थित यादव मिठालय में स्टार गोल्डन सिंगिंग ग्रुप के द्वारा प्रसिद्ध पार्श्व गायक हेमंत कुमार, महेंद्र कपूर, एस पी बालासुब्रमण्यम की पुण्यतिथि और स्वर कोकिला लता मंगेशकर के जन्मदिन के अवसर पर श्रद्धांजलि स्वरूप संगीत कार्यक्रम किया गया।
दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना से हुई शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत ग्रुप के सभी सदस्यों के द्वारा माता सरस्वती के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलन एवं पूजा अर्चना के साथ प्रारंभ हुई। गीतों की शुरुआत सर्व प्रथम रीना लरिया द्वारा की गई। मंच का सफल संचालन मीना श्रीवास्तव और सतेंद्र सोनी ने किया।
एकल और युगल गीतों से बंधा समा, रात 12 बजे तक चला कार्यक्रम
पूरे कार्यक्रम में सभी गायक गायिकाओं ने 1-1 सिंगल तथा 1-1 डुएट गीत प्रस्तुत किए। पूरे कार्यक्रम को सभी दर्शकों ने खूब आनंद लिया और भूरी-भूरी प्रशंसा की। कार्यक्रम रात 12 बजे तक चला। इन गायक तथा गायिकाओं ने पूरे कार्यक्रम में समा बांधा।
इन गायकों ने दी सुमधुर प्रस्तुति
पूरे कार्यक्रम में रीना लरिया ने मेरे नसीब में तू है के नहीं, गजेंद्र गुप्ता ने तेरे मेरे बीच में कैसा है ये बंधन, यशवंत माने ने दिल्ली की ये आरजू थी की कोई दिलरुबा मिले, शालिनी चौहान ने दिल विल प्यार व्यार मैं क्या जानू रे, महेश ठाकुर ने छुप गए सारे नजारे, एकता गुप्ता ने आते जाते हंसते गाते, अवधेश लरिया ने सच मेरे यार है, मीना श्रीवास्तव ने जिंदगी प्यार का गीत है, समरेश चौहान ने तुझे देखा तो ये जाना सनम, पंकज श्रीवास्तव ने बेकरार करके हमें यूं न जाइए, सतेंद्र सोनी ने मैं देर करता नहीं देर हो जाती है इन गीतों को गाया।
युगल गीतों ने जीता दिल
सभी एकल गीतों के बाद सभी गायकों ने 1-1 डुएट गीतों की भी प्रस्तुति दी, जिस पर दर्शकों ने तालियों से स्वागत किया और देर रात तक संगीत का लुत्फ उठाया।
कांकेर। शहर के सेन चौक में स्थित यादव मिठालय में स्टार गोल्डन सिंगिंग ग्रुप के द्वारा प्रसिद्ध पार्श्व गायक हेमंत कुमार, महेंद्र कपूर, एस पी बालासुब्रमण्यम की पुण्यतिथि और स्वर कोकिला लता मंगेशकर के जन्मदिन के अवसर पर श्रद्धांजलि स्वरूप संगीत कार्यक्रम किया गया।
दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना से हुई शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत ग्रुप के सभी सदस्यों के द्वारा माता सरस्वती के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलन एवं पूजा अर्चना के साथ प्रारंभ हुई। गीतों की शुरुआत सर्व प्रथम रीना लरिया द्वारा की गई। मंच का सफल संचालन मीना श्रीवास्तव और सतेंद्र सोनी ने किया।
एकल और युगल गीतों से बंधा समा, रात 12 बजे तक चला कार्यक्रम
पूरे कार्यक्रम में सभी गायक गायिकाओं ने 1-1 सिंगल तथा 1-1 डुएट गीत प्रस्तुत किए। पूरे कार्यक्रम को सभी दर्शकों ने खूब आनंद लिया और भूरी-भूरी प्रशंसा की। कार्यक्रम रात 12 बजे तक चला। इन गायक तथा गायिकाओं ने पूरे कार्यक्रम में समा बांधा।
इन गायकों ने दी सुमधुर प्रस्तुति
पूरे कार्यक्रम में रीना लरिया ने मेरे नसीब में तू है के नहीं, गजेंद्र गुप्ता ने तेरे मेरे बीच में कैसा है ये बंधन, यशवंत माने ने दिल्ली की ये आरजू थी की कोई दिलरुबा मिले, शालिनी चौहान ने दिल विल प्यार व्यार मैं क्या जानू रे, महेश ठाकुर ने छुप गए सारे नजारे, एकता गुप्ता ने आते जाते हंसते गाते, अवधेश लरिया ने सच मेरे यार है, मीना श्रीवास्तव ने जिंदगी प्यार का गीत है, समरेश चौहान ने तुझे देखा तो ये जाना सनम, पंकज श्रीवास्तव ने बेकरार करके हमें यूं न जाइए, सतेंद्र सोनी ने मैं देर करता नहीं देर हो जाती है इन गीतों को गाया।
युगल गीतों ने जीता दिल
सभी एकल गीतों के बाद सभी गायकों ने 1-1 डुएट गीतों की भी प्रस्तुति दी, जिस पर दर्शकों ने तालियों से स्वागत किया और देर रात तक संगीत का लुत्फ उठाया।

