सिलयारी स्वास्थ्य केंद्र में दो से तीन फीट पानी, मरीजों और प्रसूताओं की बढ़ी मुसीबत
बारिश ने खोली स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल, अस्पताल परिसर में जलभराव से मरीजों को आने-जाने में परेशानी
सिलयारी। क्षेत्र में हुई तेज बारिश ने सिलयारी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी है। शुक्रवार को लगातार बारिश के बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में करीब दो से तीन फीट तक पानी भर गया। अस्पताल परिसर में भारी जलभराव के कारण मरीजों, उनके परिजनों और खासकर प्रसव के बाद छुट्टी पाने वाली महिलाओं को अस्पताल से बाहर निकलने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं को प्रसव के बाद विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है। चिकित्सक भी प्रसव के बाद महिलाओं को ठंडे पानी और बारिश से बचने की सलाह देते हैं। ऐसे में अस्पताल से छुट्टी के समय यदि परिसर में ही दो से तीन फीट पानी भरा हो तो प्रसूताओं को बाहर निकालना परिजनों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। जलभराव के कारण अस्पताल आने-जाने वाले रास्ते भी प्रभावित हुए हैं।
प्रसूताओं के लिए 102-108 की सुविधा पर भी सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रसव के बाद महिलाओं को घर तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए 102 अथवा 108 जैसी आपातकालीन परिवहन सुविधा महत्वपूर्ण होती है। लेकिन सिलयारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ऐसी व्यवस्था का अभाव मरीजों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। बारिश और जलभराव की स्थिति में प्रसूताओं को निजी साधनों या परिजनों के भरोसे अस्पताल से घर ले जाना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र जैसे महत्वपूर्ण संस्थान में बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति बार-बार सामने आना गंभीर चिंता का विषय है। अस्पताल परिसर में पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
महिला चिकित्सक की कमी, पुरुष डॉक्टर के भरोसे प्रसव
स्थानीय ग्रामीणों ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में महिला चिकित्सक की उपलब्धता को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि प्रसव जैसी संवेदनशील स्थिति में महिला मरीजों के लिए महिला चिकित्सक की मौजूदगी आवश्यक महसूस होती है, लेकिन यहां महिला डॉक्टर की व्यवस्था नहीं होने के कारण महिलाओं को पुरुष चिकित्सक से प्रसव कराने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से स्वास्थ्य केंद्र में मूलभूत सुविधाओं की जरूरत महसूस की जा रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की ओर से इस दिशा में अपेक्षित पहल नहीं दिखाई दे रही है। बारिश के दौरान अस्पताल परिसर में जलभराव ने समस्या को और गंभीर बना दिया है।
स्वास्थ्य केंद्र या जलभराव का केंद्र?
बारिश के बाद अस्पताल परिसर की स्थिति देखकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। मरीजों का कहना है कि जिस स्वास्थ्य केंद्र में क्षेत्रभर के ग्रामीण इलाज और प्रसव जैसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के लिए पहुंचते हैं, वहां बरसात के दिनों में दो से तीन फीट पानी भर जाना व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन से अस्पताल परिसर में तत्काल पानी निकासी की व्यवस्था कराने, जलभराव की स्थायी समस्या का समाधान करने, प्रसूताओं के लिए सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने तथा महिला चिकित्सक की व्यवस्था करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में मरीजों और प्रसूताओं को और अधिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
बॉक्स खबर बी एम ओ विकास तिवारी का कहना है कि यह समस्या बेहद ही निंदनीय है लगातार बारिश और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने विगत लम्बे समय से कंस्ट्रक्शन कार्य होने के कारण हॉस्पिटल की निस्तारी पाइप लाइन ब्लॉक हो जाने के कारण यह समस्या बनी हुई है इस पर त्वरित कार्रवाई जल्द से जल्द किया जाएगा।बॉक्स खबर विपक्ष ने भी इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए कांग्रेस के कार्यकारिणी सदस्य भवेश बघेल ने क्षेत्रीय विधायक अनुज शर्मा को करारा जवाब दिया उन्होंने विधायक अनुज शर्मा से सवाल पूछा है कि जब क्षेत्र की जनता इतनी बड़ी परेशानी झेल रही है तो इसका स्थाई समाधान कब होगा।जनता ने जनप्रतिनिधि इस लिए चुना है कि उनकी समस्याओं की आवाज विधानसभा तक पहुंचे और उसका समाधान जमीन पर दिखाई दे सिर्फ आश्वासन और औपचारिकता से काम नहीं चलेगा

