विशेष रिमीडियल अभियान से कक्षा स्तर में पिछड़ रहे बच्चों को सीखने के अवसर सीखना होगा बेहतर

प्राथमिक शिक्षा की नींव मजबूत करने तथा सीखने में पीछे रह रहे कक्षा 2 एवं 3 के बच्चों को उनकी बुनियादी भाषायी और गणितीय दक्षताएँ हासिल करने में सहयोग देने के उद्देश्य से हाई स्कूल जमरुआ, बालोद में जिला स्रोत समूह (DRG) एवं ब्लॉक स्रोत समूह (BRG) के सदस्यों के साथ एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

स्कूल शिक्षा विभाग, समग्र शिक्षा एवं लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन (LLF) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला में विशेष रिमीडियल अभियान के माध्यम से कक्षा 2 एवं 3 में सीखने के स्तर से पीछे रह रहे बच्चों की बुनियादी भाषायी एवं गणितीय दक्षताओं को मजबूत करने के लिए आवश्यक रणनीतियों एवं अकादमिक सहयोग पर चर्चा की गई।जिला मिशन समन्वयक अवन कुमार जागड़े ने कहा कि “कक्षा 2 एवं 3 में भाषा और गणित के सीखने के स्तर में पीछे रह रहे बच्चों के लिए विशेष रिमीडियल अभियान के अंतर्गत प्रतिदिन 30-30 मिनट नियमित रूप से कार्य किया जाए। इसके लिए ‘पहल शिक्षक निर्देशिका’ के अनुसार ‘संभव अभ्यास पुस्तिका’ का उपयोग करते हुए बच्चों के सीखने के स्तर के अनुरूप गतिविधियाँ कराई जाएँ। बच्चों का आकलन कर उनके वर्तमान सीखने के स्तर का निर्धारण किया जाए और उसी के अनुसार आगे की गतिविधियाँ तय की जाएँ। भाषा में बच्चों को छोटे एवं सरल वाक्य पढ़ने तथा सुने हुए सरल शब्दों को लिखने में सक्षम बनाने पर ध्यान दिया जाए। वहीं गणित में बच्चों को 99 तक की संख्याओं को स्थानीय मान की समझ के साथ पढ़ने-लिखने तथा दो अंकीय हासिल वाले जोड़ और घटाव के सवाल हल करने में सक्षम बनाने के लिए नियमित अभ्यास कराया जाए।कक्षा स्तर से पीछे रह रहे बच्चों के साथ आगामी 24 कार्यदिवसों में इस कार्य को प्राथमिकता के साथ किया जाए। अभियान की प्रगति सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा नियमित रूप से मॉनिटरिंग की जाएगी।” जिला सहायक परियोजना समन्वयक होमन लाल देशमुख ने कहा “विशेष रिमीडियल अभियान को सफल बनाने के लिए हम सभी मिलकर समन्वित प्रयास करेंगे और बच्चों के सीखने के स्तर में सुधार लाने की दिशा में निरंतर कार्य करेंगे और इसमें हम लोग सफल होंगे।”जिला कार्यक्रम प्रबंधक रामरतन मीणा ने कहा कि “जिले में एक अच्छी अकादमिक टीम तैयार हुई है, जो संकुल स्तरीय मासिक बैठकों, शिक्षक प्रशिक्षणों एवं विद्यालय अवलोकन के माध्यम से शिक्षकों को निरंतर अकादमिक सहयोग प्रदान कर रही है। कक्षा 2 एवं 3 में कक्षा स्तर से पीछे रह रहे बच्चों के लिए विशेष रिमीडियल अभियान के अंतर्गत भी अकादमिक सहयोग दिया जाएगा। बच्चों को उनके कक्षा स्तर तक लाने के लिए हम सभी संकल्प के साथ मिलकर कार्य करेंगे।”जिला स्रोत समूह के सदस्य लोमश साहू ने कहा कि “विशेष रिमीडियल अभियान का बेहतर संचालन सुनिश्चित करने के लिए हम कक्षा 2 एवं 3 के शिक्षकों के साथ एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित करेंगे। प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षकों को आवश्यक अकादमिक सहयोग प्रदान करते हुए इस कार्य को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जाएगा।”विशेष रिमीडियल अभियान प्रशिक्षण के दौरान लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन (LLF) की टीम द्वारा विभिन्न अकादमिक सत्रों का संचालन किया गया। इन सत्रों के माध्यम से अभियान के प्रभावी संचालन एवं बच्चों के सीखने के स्तर में सुधार के लिए आवश्यक अकादमिक समझ विकसित करने पर चर्चा की गई।इस एक दिवसीय कार्यशाला में जिले के पाँचों विकासखंडों से जिला स्रोत समूह (DRG) एवं ब्लॉक स्रोत समूह (BRG) के सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी की।संकुल अकादमिक समन्वयक छोटे लाल चंद्राकर के मार्गदर्शन में आयोजित यह एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला सफलतापूर्वक संपन्न हुई।

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