जनपद पंचायत नवागढ़ में अध्यक्ष और CEO की तानाशाही चरम पर – 16वें वित्त की राशि में भ्रष्टाचार, समान राशि वितरण की मांग को लेकर जनपद सदस्यों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन।



*:- जनपद पंचायत नवागढ़ में अध्यक्ष और CEO की तानाशाही चरम पर – 16वें वित्त की राशि में भ्रष्टाचार, समान राशि वितरण की मांग को लेकर जनपद सदस्यों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन।*
*नवागढ़ (जांजगीर-चांपा) :-* जनपद पंचायत नवागढ़ में लोकतंत्र को ताक पर रखकर अध्यक्ष और मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा खुलेआम भ्रष्टाचार किया जा रहा है। 16वें वित्त आयोग के तहत जनपद पंचायत को प्राप्त होने वाली लाखों रुपये की विकास निधि का आबंटन बिना निर्वाचित जनपद सदस्यों की सहमति के केवल अपने चहेते क्षेत्रों में किया जा रहा है।
यह कृत्य न केवल पंचायती राज अधिनियम 1993 का घोर उल्लंघन है, बल्कि अनुसूचित जाति/जनजाति और पिछड़े क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के अधिकारों का हनन भी है।
जिससे क्षुब्ध होकर आज जनपद सदस्यों ने एकजुटता दिखाते हुए कलेक्टर महोदय, जांजगीर-चांपा को ज्ञापन सौंपा है।
*हमारी स्पष्ट मांग :-** 16वें वित्त आयोग की समस्त राशि को तत्काल प्रभाव से सभी जनपद क्षेत्रों में नियमानुसार (बराबर-बराबर) विभाजित किया जाए।.भविष्य में किसी भी मद की राशि का आबंटन जनपद सदस्यों की बैठक में सर्वसम्मति के बाद ही किया जाए।
*ज्ञापन सौंपने में प्रमुख रूप से :-*श्री हेमंत पैगवार, श्रीमती अनीता सूर्यवंशी, श्रीमती सीमा श्रीकांत, श्रीमती वृहस्पति श्याम कश्यप, श्रीमती दुर्गा मोती पटेल, श्रीमती त्रिवेणी राजू कश्यप, श्रीमती सरोजनी यादव, श्री रामसाय खूटे, श्री राजकमल कश्यप सहित समस्त जनपद सदस्य उपस्थित थे।
*जनपद सदस्य हेमंत पैगवार ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा :-*”अध्यक्ष और CEO होश में आएं। यह जनपद पंचायत किसी की निजी जागीर नहीं है। जनता ने हमें चुनकर भेजा है, हम जनता के हक के लिए लड़ेंगे। राशि का समान बंटवारा नहीं हुआ तो हम समस्त सदस्य चरणबद्ध तरीके से आंदोलन करेंगे। इसकी समस्त जिम्मेदारी अध्यक्ष और CEO की होगी।”
*जनपद सदस्य राजकमल कश्यप ने कहा :-*”यह सरासर अन्याय है। कुछ चहेते सदस्यों को पूरा पैसा और हमें ठेंगा। यह भेदभाव बंद होना चाहिए। सभी 25 क्षेत्रों का विकास बराबर होना चाहिए, नहीं तो हम जनपद कार्यालय में तालाबंदी करेंगे।”
*जनपद सदस्या सीमा श्रीकांत ने कहा :-*”महिला सदस्यों की तो अध्यक्ष और CEO सुनते ही नहीं। बिना किसी के सहमति से प्रस्ताव पास कर देते हैं। हम महिलाओं के क्षेत्र में एक भी काम नहीं हुआ।हमेशा अपमानित करते है अगर हमारी बात नहीं मानी गई तो हम सभी सदस्य मिलकर धरने पर बैठेंगे।”

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