छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी
*ओबीसी के लिए अलग स्पष्ट कॉलम नहीं केंद्र की नीयत पर गंभीर सवाल – कांग्रेस*
*जातिगत जनगणना में ओबीसी की स्पष्ट पहचान सुनिश्चित करे*
रायपुर/04 सितंबर 2026। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा ने कहा कि जनगणना-2027 में जाति की गणना शामिल करने का निर्णय लिया गया है, लेकिन जाति संबंधी जानकारी दर्ज करने की व्यवस्था में ओबीसी के लिए अलग और स्पष्ट वर्गीकरण नहीं होने पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। केंद्र सरकार ने आगामी जनगणना में जातिगत आंकड़े जुटाने का निर्णय लिया है, जो लंबे समय से उठ रही सामाजिक न्याय की मांग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। लेकिन यदि जाति की जानकारी खुले रूप में दर्ज की जाएगी और ओबीसी के लिए स्पष्ट पृथक वर्गीकरण नहीं होगा, तो ओबीसी समाज की वास्तविक जनसंख्या के आंकड़ों को व्यवस्थित और विश्वसनीय रूप से सामने लाने में गंभीर चुनौतियां पैदा हो सकती हैं।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा ने कहा कि भारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण देश में अलग-अलग जातियों, उपजातियों और स्थानीय नामों के कारण जातिगत आंकड़ों का वैज्ञानिक वर्गीकरण बेहद महत्वपूर्ण है। जब सरकार खुद जातिगत आंकड़े जुटाने जा रही है, तो ओबीसी की स्पष्ट पहचान और वर्गीकरण की व्यवस्था क्यों नहीं की जा रही है? केंद्र सरकार को इस सवाल का जवाब देश के पिछड़े वर्गों को देना चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा ने कहा कि ओबीसी समाज को केवल चुनाव के समय याद करना और उसके अधिकारों के सवाल पर मौन रहना स्वीकार नहीं किया जा सकता। सामाजिक न्याय की नीतियों, आरक्षण, शिक्षा, रोजगार और सरकारी योजनाओं में प्रभावी भागीदारी के लिए यह जानना जरूरी है कि देश में विभिन्न सामाजिक वर्गों की वास्तविक जनसंख्या कितनी है।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा ने कहा कि ओबीसी समाज अब केवल वोट बैंक नहीं, बल्कि अपने अधिकार, सम्मान और हिस्सेदारी का हिसाब चाहता है। केंद्र सरकार को इस मांग से बचने के बजाय स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
सुरेंद्र वर्मामुख्य प्रवक्ताछत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटीमोबाइल नं. 98262-74000

