*रायपुर की सुनिष्का ने निशानेबाजी में रचा नया कीर्तिमान, तीन कांस्य पदकों पर साधा निशाना*
*ईस्ट जोन शूटिंग चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन*
*नेशनल चैंपियनशिप के लिए किया क्वालीफाई; सुनिष्का की सफलता से छत्तीसगढ़ का मान बढ़ा*
रायपुर। लक्ष्य पर एकाग्र दृष्टि, हाथों में आत्मविश्वास और निशाने पर अचूक पकड़—इन्हीं खूबियों के दम पर रायपुर की युवा निशानेबाज सुनिष्का कुमार ने पश्चिम बंगाल के आसनसोल में आयोजित 10वीं ईस्ट जोन शूटिंग चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन कांस्य पदक अपने नाम किए। 25 से 30 अगस्त तक आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में सुनिष्का ने 50 मीटर राइफल स्पर्धा में अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने आगामी नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है। उनकी सफलता ने न केवल रायपुर, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है।सुनिष्का की यह उपलब्धि निरंतर अभ्यास, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण का परिणाम है। उन्होंने यह मुकाम भिलाई के अनुभवी शूटिंग कोच नीरज निखिल साइमन के प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन में हासिल किया। कोच साइमन के निर्देशन में छत्तीसगढ़ के निशानेबाजों ने अब तक स्टेट, प्री-नेशनल, नेशनल और KSS स्तर की विभिन्न प्रतियोगिताओं में 36 से अधिक पदक अर्जित किए हैं। उनके मार्गदर्शन में प्रशिक्षित एक खिलाड़ी ने इस वर्ष जर्मनी के सुहल में आयोजित विश्व शूटिंग चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व कर प्रदेश की खेल प्रतिभा को वैश्विक मंच तक पहुंचाया है।सुनिष्का के लिए यह सफलता अचानक मिली उपलब्धि नहीं है। जुलाई में आयोजित स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप में भी उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल कर जोनल प्रतियोगिता के लिए अपना स्थान सुनिश्चित किया था। इसके बाद ईस्ट जोन चैंपियनशिप में तीन कांस्य पदक जीतकर उन्होंने अपनी प्रतिभा पर एक और मुहर लगा दी।वर्तमान में सुनिष्का नया रायपुर स्थित IIIT कॉलेज में इंजीनियरिंग प्रथम वर्ष की छात्रा हैं और रायपुर के RKC क्षेत्र में निवासरत हैं। उनके पिता श्री राकेश कुमार हैं, जबकि उनकी माता RKC में शिक्षिका के रूप में सेवाएं दे रही हैं। पढ़ाई के साथ निशानेबाजी को साधना उनके अनुशासन और संतुलित व्यक्तित्व का परिचायक है।खेल प्रतिभाओं को चाहिए बेहतर सुविधाओं का संबलसुनिष्का की उपलब्धि ने प्रदेश में निशानेबाजी के उज्ज्वल भविष्य की संभावनाओं को भी रेखांकित किया है। खेल से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि शासन-प्रशासन की ओर से खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास के लिए बेहतर शूटिंग रेंज, आवश्यक संसाधन और प्रशिक्षण की पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा अभ्यास के लिए रेंज के उपयोग की अनुमति सहज रूप से मिले, तो छत्तीसगढ़ के अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं।सुनिष्का की सफलता उन युवाओं के लिए प्रेरणादायी संदेश है, जो अपने लक्ष्य को लेकर दृढ़ हैं। उनकी अचूक निशानेबाजी ने यह साबित किया है कि जब साधना में संकल्प और लक्ष्य में स्पष्टता हो, तो सफलता स्वयं इतिहास के पन्नों में अपना स्थान बना लेती है।

