रायपुर: छत्तीसगढ़ के कृषि विकास एवं कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम ने बेंगलुरु स्थित आईसीएआर का प्रमुख बागवानी केन्द्र भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान का अवलोकन किया। मंत्री श्री नेताम ने इस दौरान संस्थान में विकसित की जा रही आधुनिक बागवानी तकनीकों, उन्नत किस्मों, उच्च तकनीक नर्सरी, संरक्षित खेती तथा फल-सब्जियों की उत्पादन एवं प्रसंस्करण तकनीकों की जानकारी ली। उन्होंने इन तकनीकों को छत्तीसगढ़ की स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप प्रदेश में अपनाने तथा किसानों की आय में वृद्धि के लिए उपयोगी संभावनाओं पर संस्थान के विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श किया।
आईसीएआर-आईआईएचआर देश का प्रमुख बागवानी अनुसंधान संस्थान है, जहां सब्जियों की उन्नत किस्मों एवं उत्पादन तकनीकों के विकास के साथ-साथ फल, फूल एवं सजावटी फसलें, उच्च तकनीकी नर्सरी, रोपण सामग्री, संरक्षित खेती, पॉलीहाउस, ड्रिप सिंचाई-टपक सिंचाई, उर्वरक सिंचाई, जल प्रबंधन, एकीकृत कीट एवं रोग प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान एवं तकनीकी विकास किया जाता है।

अवलोकन के दौरान मंत्री श्री नेताम ने विशेष रूप से ऐसी तकनीकों में रुचि दिखाई, जिनके माध्यम से कम क्षेत्र में अधिक उत्पादन, गुणवत्तापूर्ण कृषि उत्पाद और बेहतर बाजार मूल्य प्राप्त कर किसानों की आमदनी बढ़ाई जा सकती है। संस्थान में विकसित आधुनिक नर्सरी तकनीक, संरक्षित खेती, जल एवं उर्वरक प्रबंधन तथा कीट-रोगों के एकीकृत नियंत्रण की तकनीकों को छत्तीसगढ़ के किसानों तक पहुंचाने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
मंत्री श्री नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ में बागवानी क्षेत्र के विस्तार और किसानों की आय में वृद्धि की व्यापक संभावनाएं हैं। राज्य में विभिन्न प्रकार की जलवायु एवं कृषि परिस्थितियां उपलब्ध हैं, जिनका बेहतर उपयोग आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक खेती के माध्यम से किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ उद्यानिकी की उन्नत तकनीकों से जोड़कर उत्पादन, उत्पादकता और आय में वृद्धि की दिशा में ठोस प्रयास किए जाएंगे।

