पूरे क्षेत्र में धूमधाम से मनाया जाएगा हरेली त्योहार : डॉक्टर चोलेश्वर चंद्राकर

पूरे क्षेत्र में धूमधाम से मनाया जाएगा हरेली त्योहार : डॉक्टर चोलेश्वर चंद्राकर

दुर्ग संभाग के सभी जिलों में 12 अगस्त को निकलेगी भव्य तिरंगा यात्रा, किसान मोर्चा की तैयारियां तेज
हरेली की परंपरा के साथ राष्ट्रभक्ति का संदेश घर-घर पहुंचाने की तैयारीट्रैक्टर, मोटरसाइकिल, गेड़ी और पैदल तिरंगा यात्रा में शामिल होंगे किसान, युवा और कार्यकर्ता
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के प्रथम पारंपरिक त्योहार हरेली को इस वर्ष पूरे क्षेत्र में उत्साह और धूमधाम के साथ मनाने की तैयारी की जा रही है। हरेली पर्व को लेकर भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई है। किसान मोर्चा दुर्ग प्रभारी डॉक्टर चोलेश्वर चंद्राकर ने कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की कृषि संस्कृति, किसान जीवन और लोक परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण त्योहार है। इस पर्व को व्यापक रूप से मनाते हुए पारंपरिक संस्कृति के साथ राष्ट्रभक्ति का संदेश भी जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।
हरेली के शुभ अवसर पर दुर्ग संभाग के सभी जिलों में 12 अगस्त 2026 को भव्य तिरंगा यात्रा निकालने का निर्णय लिया गया है। किसान मोर्चा के नेतृत्व में होने वाली इन यात्राओं में ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल, पैदल यात्रा तथा पारंपरिक गेड़ी के माध्यम से बड़ी संख्या में किसान, ग्रामीण, युवा और कार्यकर्ता शामिल होंगे। यात्रा के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान, देश की एकता और अखंडता तथा राष्ट्रप्रेम का संदेश गांव-गांव तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
हरेली पर्व और तिरंगा यात्रा का होगा अनूठा संगमकिसान संस्कृति के साथ राष्ट्रभक्ति की भावना को दिया जाएगा विस्तार
किसान मोर्चा दुर्ग प्रभारी डॉक्टर चोलेश्वर चंद्राकर ने कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की पहचान से जुड़ा पर्व है। कृषि प्रधान राज्य होने के कारण किसानों के जीवन में हरेली का विशेष महत्व है। इस दिन किसान कृषि औजारों की पूजा करते हैं और अच्छी फसल, खुशहाली तथा समृद्धि की कामना करते हैं। पारंपरिक गेड़ी हरेली पर्व का प्रमुख आकर्षण होती है।
इसी पारंपरिक भावना को राष्ट्रभक्ति के साथ जोड़ते हुए इस बार गेड़ी और तिरंगे के माध्यम से विशेष संदेश देने की तैयारी है। तिरंगा यात्रा में ग्रामीण अंचलों की पारंपरिक संस्कृति की झलक दिखाई देगी। किसान और युवा तिरंगा लेकर यात्रा में शामिल होंगे। इससे एक ओर जहां छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और देश के प्रति गौरव की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।
डॉक्टर चोलेश्वर चंद्राकर ने कहा कि हरेली केवल कृषि पर्व नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे पर्वों के माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और परंपराओं से जोड़ना भी जरूरी है। इसी उद्देश्य से किसान मोर्चा द्वारा हरेली के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों को व्यापक स्वरूप दिया जा रहा है।
दुर्ग संभाग के सभी जिलों में तिरंगा यात्रा की तैयारीजिला और मंडल स्तर पर कार्यकर्ताओं को सौंपी जा रही जिम्मेदारी
भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के प्रदेश नेतृत्व के मार्गदर्शन में दुर्ग संभाग के सभी जिलों में 12 अगस्त को तिरंगा यात्रा आयोजित करने की तैयारी की गई है। रायपुर स्थित भाजपा कार्यालय में किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष आलोक ठाकुर के मार्गदर्शन में हुई बैठक में प्रदेशभर में तिरंगा यात्रा आयोजित करने का निर्णय लिया गया था। इसी निर्णय के तहत दुर्ग संभाग के विभिन्न जिलों में कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
दुर्ग, राजनांदगांव, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, कबीरधाम, बालोद, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, कांकेर एवं भिलाई नगर सहित विभिन्न क्षेत्रों में तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। प्रत्येक जिले में स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार यात्रा का स्वरूप निर्धारित किया जा रहा है। कहीं ट्रैक्टर रैली होगी, कहीं मोटरसाइकिल तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी तो कहीं पैदल तिरंगा यात्रा का आयोजन किया जाएगा।
किसान मोर्चा के जिला अध्यक्षों, मंडल पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को आयोजन की जिम्मेदारियां दी जा रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जनसंपर्क कर किसानों और आम नागरिकों को कार्यक्रम से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यकर्ताओं से कहा गया है कि वे गांव-गांव जाकर लोगों को तिरंगा यात्रा की जानकारी दें और अधिक से अधिक संख्या में लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करें।
बेमेतरा से लेकर बालोद और राजनांदगांव तक दिखेगा तिरंगे का उत्साहअलग-अलग जिलों में अलग स्वरूप में आयोजित होंगी यात्राएं
बेमेतरा जिले में ठाकुर कुंवर सिंह के नेतृत्व में विशाल ट्रैक्टर तिरंगा रैली निकालने की तैयारी की गई है। ट्रैक्टरों के साथ किसान और कार्यकर्ता राष्ट्रीय ध्वज लेकर यात्रा में शामिल होंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में इस आयोजन को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
बालोद जिले में जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में जिला मुख्यालय में ट्रैक्टर एवं मोटरसाइकिल तिरंगा यात्रा आयोजित करने की तैयारी है। वहीं मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में जिला अध्यक्ष अजय यादव के नेतृत्व में खड़गांव क्षेत्र में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी।
राजनांदगांव जिले में जिला अध्यक्ष वासुराम सोनवानी के नेतृत्व में भाजपा कार्यालय से शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए तिरंगा यात्रा निकालने की तैयारी की जा रही है। दुर्ग और भिलाई क्षेत्र में भी ट्रैक्टर, वाहन एवं मोटरसाइकिलों के माध्यम से तिरंगा यात्रा आयोजित करने की योजना है।
किसान मोर्चा के पदाधिकारियों के अनुसार विभिन्न जिलों में होने वाली यात्राओं का उद्देश्य केवल शक्ति प्रदर्शन नहीं बल्कि आम नागरिकों के बीच राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करना है। स्वतंत्रता दिवस के पूर्व आयोजित होने वाली इन यात्राओं के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज के महत्व और उसके सम्मान का संदेश भी लोगों तक पहुंचाया जाएगा।
डॉक्टर चोलेश्वर चंद्राकर बोले, हरेली पर गांव-गांव पहुंचेगा राष्ट्रभक्ति का संदेशकिसानों और आम नागरिकों से तिरंगा यात्रा में अधिक से अधिक भागीदारी की अपील
किसान मोर्चा दुर्ग प्रभारी डॉक्टर चोलेश्वर चंद्राकर ने कहा कि इस वर्ष हरेली पर्व को लेकर क्षेत्र में विशेष उत्साह है। किसान मोर्चा का प्रयास है कि हरेली की पारंपरिक भावना को बनाए रखते हुए कार्यक्रमों को जनभागीदारी से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि किसानों की संस्कृति और देशभक्ति दोनों एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। किसान देश की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण जीवन की महत्वपूर्ण आधारशिला हैं, इसलिए उनके पर्व को राष्ट्रभक्ति के संदेश से जोड़ना विशेष महत्व रखता है।
उन्होंने कहा कि 12 अगस्त की तिरंगा यात्रा में किसान मोर्चा के पदाधिकारी, कार्यकर्ता, किसान, युवा और आम नागरिक बड़ी संख्या में शामिल होंगे। ट्रैक्टरों और मोटरसाइकिलों के साथ तिरंगा यात्रा निकालने के अलावा पैदल यात्रा और पारंपरिक गेड़ी के माध्यम से भी कार्यक्रम को आकर्षक बनाया जाएगा।
डॉक्टर चोलेश्वर चंद्राकर ने क्षेत्रवासियों से अपील करते हुए कहा कि हरेली के इस पावन अवसर पर अधिक से अधिक संख्या में तिरंगा यात्रा में शामिल हों और छत्तीसगढ़ की संस्कृति, किसान परंपरा तथा राष्ट्रभक्ति का संदेश मजबूत करें। उन्होंने कहा कि तिरंगा केवल देश की पहचान नहीं बल्कि करोड़ों देशवासियों की एकता और गौरव का प्रतीक है। इसलिए तिरंगा यात्रा में हर वर्ग की सहभागिता महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि किसान मोर्चा द्वारा आयोजित यह अभियान हरेली पर्व की खुशियों के साथ राष्ट्रीय एकता, अखंडता और देशप्रेम का संदेश लेकर गांव-गांव पहुंचेगा। आयोजकों ने उम्मीद जताई है कि 12 अगस्त को दुर्ग संभाग के विभिन्न क्षेत्रों में निकलने वाली भव्य तिरंगा यात्राएं लोगों में उत्साह का संचार करेंगी और हरेली की पारंपरिक संस्कृति के साथ राष्ट्रभक्ति का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।

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