राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर के माध्यम से सौंपा ज्ञापन, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे एवं शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की उठाई मांग
राजसमंद, 24 जुलाई।राजसमंद जिले के नागरिकों, विद्यार्थियों, युवाओं एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं राजनीतिक प्रतिनिधियों ने आज राष्ट्रपति महोदया के नाम जिला कलेक्टर, राजसमंद के माध्यम से एक ज्ञापन सौंपकर देश की शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं व्यापक सुधार की मांग की। ज्ञापन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल की निष्पक्ष समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई करने का भी अनुरोध किया गया।ज्ञापन में कहा गया कि देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े विवादों, पेपर लीक की घटनाओं तथा शिक्षा व्यवस्था पर लगातार उठ रहे सवालों के कारण विद्यार्थियों एवं अभिभावकों में असंतोष का वातावरण है। युवाओं के भविष्य एवं देश की शिक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार को इस विषय पर गंभीरता से विचार करते हुए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाने चाहिए।प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति महोदया से आग्रह किया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यों एवं निर्णयों की निष्पक्ष समीक्षा कराई जाए तथा यदि समीक्षा में आवश्यक प्रतीत हो तो उनके विरुद्ध संवैधानिक एवं प्रशासनिक स्तर पर उचित कार्रवाई की जाए। साथ ही परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष एवं जवाबदेह बनाने के लिए व्यापक सुधार लागू किए जाएं, ताकि देश के युवाओं का शिक्षा व्यवस्था पर विश्वास पुनः स्थापित हो सके।एडवोकेट रोशन लाल सोनगरा ने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को निष्पक्ष एवं विश्वसनीय परीक्षा प्रणाली का अधिकार है। शिक्षा व्यवस्था में सुधार केवल विद्यार्थियों का नहीं, बल्कि देश के भविष्य का प्रश्न है। इसलिए सरकार को युवाओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए समयबद्ध एवं प्रभावी निर्णय लेने चाहिए।इस अवसर पर विराट भील ने कहा कि यदि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े गंभीर मुद्दों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होती तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते हैं, तो राजसमंद जिले में लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।सेठ रंगलाल कोठारी राजकीय महाविद्यालय, राजसमंद के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष पद प्रत्याशी पप्पू लाल कीर ने जिले के सभी छात्र संगठनों, छात्र नेताओं, सामाजिक संगठनों एवं विभिन्न राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधियों से शिक्षा और युवाओं के भविष्य के इस मुद्दे पर एकजुट होकर आंदोलन को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह किसी एक संगठन या दल का नहीं, बल्कि देश के करोड़ों विद्यार्थियों के भविष्य का विषय है। इसलिए सभी को राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर युवाओं के हित में एकजुट होकर संघर्ष करना चाहिए। बैठक में आगामी आंदोलन की रणनीति पर भी विस्तृत चर्चा की गई।इस दौरान राजेश कुमार भील, एडवोकेट रोशन लाल सोनगरा, एसआरके महाविद्यालय राजसमंद छात्रसंघ अध्यक्ष पद के पूर्व प्रत्याशी पप्पू लाल कीर, किशन लाल भील, अंबालाल भील, विराट भील (मानपुरा), जिला घुमंतू संयोजक मीठालाल बागरिया, सागर, रामलाल, नरेंद्र यादव, पवन रानी, सवीना, प्रथम भील, रतन, अर्जुन, धनराज, भरत, मोहन लाल, सुरेश, पुरण, मोहन, लोकेश, शंकर लाल गाडोलिया, कपिल जैन सहित अनेक विद्यार्थी, युवा एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस अवसर पर सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ भारत आदिवासी पार्टी (BAP) एवं आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे तथा सभी ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए लोकतांत्रिक संघर्ष को मजबूत करने का संकल्प व्यक्त किया।

