नकटी में विधायक कॉलोनी कांग्रेस की नहीं, भाजपा सरकार की योजना, गरीबों को उजाड़ा गया: अकबर रायपुर। ग्राम नकटी में गरीबों के मकान तोड़े जाने के मामले में पूर्व आवास एवं पर्यावरण मंत्रीमोहम्मद अकबर ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में नकटी में विधायक या सांसदों की कॉलोनी बनाने की कोई योजना नहीं थी। उस समय गृह निर्माण मंडल ने केवल सामान्य आवास योजना के लिए भूमि मांगी थी, लेकिन जैसे ही यह जानकारी मिली कि प्रस्तावित भूमि पर गरीब परिवार वर्षों से निवास कर रहे हैं, तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्पष्ट निर्णय लिया कि किसी भी स्थिति में अतिक्रमण हटाकर लोगों को बेघर नहीं किया जाएगा।श्री अकबर ने कहा कि कांग्रेस सरकार की प्रस्तावित योजना कुछ वर्गों के शासकीय कर्मचारियों के लिए सामान्य आवास निर्माण की थी, न कि जनप्रतिनिधियों के लिए विशेष कॉलोनी विकसित करने की। उन्होंने आरोप लगाया कि दिसंबर 2023 में भाजपा सरकार बनने के बाद इस योजना का स्वरूप पूरी तरह बदल दिया गया और सांसदों तथा विधायकों के लिए विशेष आवासीय कॉलोनी बनाने के नाम पर गरीबों के मकान तोड़ दिए गए।उन्होंने दस्तावेजों का हवाला देते हुए बताया कि कांग्रेस सरकार के समय गृह निर्माण मंडल ने 15.47 हेक्टेयर (करीब 38 एकड़) भूमि की मांग की थी। लेकिन भाजपा सरकार बनने के बाद कुछ ही महीनों के भीतर गृह निर्माण मंडल के आयुक्त ने 25 सितंबर 2024 को भूमि आवंटन के संबंध में सचिव, आवास एवं पर्यावरण विभाग को पत्र भेजा। इसके बाद 4 अक्टूबर 2024 को सचिव के हस्ताक्षर से कलेक्टर रायपुर को भेजे गए पत्र में पहली बार यह उल्लेख किया गया कि माननीय सांसदों एवं षष्ठम विधानसभा के जनप्रतिनिधियों के लिए सुविधायुक्त आवास उपलब्ध कराने हेतु 29.172 हेक्टेयर (करीब 72 एकड़) भूमि की आवश्यकता है।श्री अकबर ने कहा कि इसी पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि संबंधित भूमि पर ग्रामीणों द्वारा कच्चे-पक्के मकान और अन्य निर्माण किए गए हैं तथा इन अतिक्रमणों को हटाकर शीघ्र भूमि गृह निर्माण मंडल को उपलब्ध कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उनका कहना है कि इससे स्पष्ट हो जाता है कि गरीबों को हटाने और जनप्रतिनिधियों की कॉलोनी बनाने की प्रक्रिया भाजपा सरकार के कार्यकाल में शुरू हुई।उन्होंने कहा कि उपलब्ध सरकारी दस्तावेज इस बात का प्रमाण हैं कि कांग्रेस सरकार ने नकटी में सांसदों और विधायकों के लिए विशेष आवासीय योजना की कोई पहल नहीं की थी। यह पूरी योजना भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद तैयार की गई।श्री अकबर ने सरकार से यह भी पूछा कि राज्य में कुल 90 विधायक, 11 लोकसभा सदस्य और 5 राज्यसभा सदस्य, यानी कुल 106 जनप्रतिनिधियों के लिए आखिर 29.17 हेक्टेयर (72 एकड़) भूमि की आवश्यकता कैसे पड़ गई। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी भूमि की मांग का औचित्य सरकार को स्पष्ट करना चाहिए।उन्होंने आशंका जताई कि जनप्रतिनिधियों के आवास के नाम पर पहले जमीन खाली कराई जा रही है और बाद में उसके एक हिस्से में निर्माण कर शेष भूमि का अन्य उपयोग या व्यावसायिक दोहन किया जा सकता है। अकबर ने कहा कि नकटी विवाद सामने आने के बाद कांग्रेस के जिन विधायकों ने वहां आवास लेने से इनकार किया है, उनका रुख पूरी तरह उचित है, क्योंकि कांग्रेस सरकार ने कभी भी उस स्थान पर विधायकों या सांसदों के लिए कॉलोनी बनाने की योजना बनाई ही नहीं थी।
नकटी में विधायक कॉलोनी कांग्रेस की नहीं, भाजपा सरकार की योजना, गरीबों को उजाड़ा गया: अकबर

