शासकीय प्रैक्टिसिंग प्राथमिक शाला कांकेर ने पूरे किए 100 वर्ष
शताब्दी समारोह में शामिल हुए विधायक आशाराम नेताम, शिक्षा और संस्कारों की विरासत को किया नमन
कांकेर की ऐतिहासिक शाला का शताब्दी उत्सव धूमधाम से संपन्नएक सदी की शैक्षणिक यात्रा का जश्न, पूर्व विद्यार्थियों और शिक्षकों का हुआ सम्मान
कांकेर। शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में शासकीय प्रैक्टिसिंग प्राथमिक शाला कांकेर ने अपने स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण कर लिए। इस गौरवपूर्ण अवसर पर आयोजित शताब्दी समारोह में कांकेर विधानसभा क्षेत्र के विधायक आशाराम नेताम मुख्य रूप से शामिल हुए। समारोह में विद्यालय परिवार, पूर्व विद्यार्थी, शिक्षक-शिक्षिकाएं, जनप्रतिनिधि, अभिभावक तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की गौरवशाली शैक्षणिक यात्रा, उपलब्धियों और समाज में उसके योगदान को याद किया गया।
एक सदी की गौरवशाली शैक्षणिक यात्रा का हुआ स्मरण
शताब्दी समारोह के दौरान विद्यालय की 100 वर्षों की यात्रा को विभिन्न प्रस्तुतियों और संस्मरणों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। वक्ताओं ने बताया कि इस विद्यालय ने पिछले एक शताब्दी में हजारों विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान कर उन्हें समाज और देश की मुख्यधारा में महत्वपूर्ण स्थान दिलाया है। विद्यालय ने केवल शिक्षा ही नहीं बल्कि नैतिक मूल्यों, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारियों का भी निरंतर विकास किया है।
विधायक आशाराम नेताम ने शिक्षा को बताया समाज की सबसे बड़ी शक्ति
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक आशाराम नेताम ने कहा कि किसी भी समाज और राष्ट्र के विकास की नींव शिक्षा पर आधारित होती है। उन्होंने कहा कि शासकीय प्रैक्टिसिंग प्राथमिक शाला का 100 वर्ष पूरा करना केवल विद्यालय की उपलब्धि नहीं बल्कि पूरे कांकेर जिले और क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक परंपराओं, शिक्षकों के समर्पण और विद्यार्थियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए सभी को शताब्दी वर्ष की शुभकामनाएं दीं।
पूर्व विद्यार्थियों और शिक्षकों ने साझा कीं यादें
समारोह में विद्यालय के अनेक पूर्व विद्यार्थियों और सेवानिवृत्त शिक्षकों ने अपनी स्मृतियां साझा कीं। उन्होंने बताया कि विद्यालय ने उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी और आज वे विभिन्न क्षेत्रों में सफलता प्राप्त कर रहे हैं। कई पूर्व विद्यार्थियों ने विद्यालय के विकास के लिए सहयोग देने की भी घोषणा की। इस दौरान भावनात्मक माहौल देखने को मिला और सभी ने विद्यालय के प्रति अपनी आत्मीयता व्यक्त की।
शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर हुई चर्चा
कार्यक्रम के दौरान शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने, विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने तथा संस्कारयुक्त वातावरण उपलब्ध कराने पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों का विकास भी अत्यंत आवश्यक है। विद्यालय परिवार द्वारा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सभी ने सराहना की।
आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा विद्यालय
शताब्दी समारोह में उपस्थित सभी अतिथियों ने विश्वास व्यक्त किया कि यह ऐतिहासिक विद्यालय आने वाले वर्षों में भी उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान करते हुए नई पीढ़ी को ज्ञान, अनुशासन और संस्कारों से समृद्ध करता रहेगा। कार्यक्रम का समापन विद्यालय की निरंतर प्रगति और उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ हुआ।
कांकेर की ऐतिहासिक शाला का शताब्दी उत्सव धूमधाम से संपन्नएक सदी की शैक्षणिक यात्रा का जश्न, पूर्व विद्यार्थियों और शिक्षकों का हुआ सम्मान
कांकेर। शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में शासकीय प्रैक्टिसिंग प्राथमिक शाला कांकेर ने अपने स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण कर लिए। इस गौरवपूर्ण अवसर पर आयोजित शताब्दी समारोह में कांकेर विधानसभा क्षेत्र के विधायक आशाराम नेताम मुख्य रूप से शामिल हुए। समारोह में विद्यालय परिवार, पूर्व विद्यार्थी, शिक्षक-शिक्षिकाएं, जनप्रतिनिधि, अभिभावक तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की गौरवशाली शैक्षणिक यात्रा, उपलब्धियों और समाज में उसके योगदान को याद किया गया।
एक सदी की गौरवशाली शैक्षणिक यात्रा का हुआ स्मरण
शताब्दी समारोह के दौरान विद्यालय की 100 वर्षों की यात्रा को विभिन्न प्रस्तुतियों और संस्मरणों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। वक्ताओं ने बताया कि इस विद्यालय ने पिछले एक शताब्दी में हजारों विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान कर उन्हें समाज और देश की मुख्यधारा में महत्वपूर्ण स्थान दिलाया है। विद्यालय ने केवल शिक्षा ही नहीं बल्कि नैतिक मूल्यों, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारियों का भी निरंतर विकास किया है।
विधायक आशाराम नेताम ने शिक्षा को बताया समाज की सबसे बड़ी शक्ति
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक आशाराम नेताम ने कहा कि किसी भी समाज और राष्ट्र के विकास की नींव शिक्षा पर आधारित होती है। उन्होंने कहा कि शासकीय प्रैक्टिसिंग प्राथमिक शाला का 100 वर्ष पूरा करना केवल विद्यालय की उपलब्धि नहीं बल्कि पूरे कांकेर जिले और क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक परंपराओं, शिक्षकों के समर्पण और विद्यार्थियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए सभी को शताब्दी वर्ष की शुभकामनाएं दीं।
पूर्व विद्यार्थियों और शिक्षकों ने साझा कीं यादें
समारोह में विद्यालय के अनेक पूर्व विद्यार्थियों और सेवानिवृत्त शिक्षकों ने अपनी स्मृतियां साझा कीं। उन्होंने बताया कि विद्यालय ने उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी और आज वे विभिन्न क्षेत्रों में सफलता प्राप्त कर रहे हैं। कई पूर्व विद्यार्थियों ने विद्यालय के विकास के लिए सहयोग देने की भी घोषणा की। इस दौरान भावनात्मक माहौल देखने को मिला और सभी ने विद्यालय के प्रति अपनी आत्मीयता व्यक्त की।
शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर हुई चर्चा
कार्यक्रम के दौरान शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने, विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने तथा संस्कारयुक्त वातावरण उपलब्ध कराने पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों का विकास भी अत्यंत आवश्यक है। विद्यालय परिवार द्वारा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सभी ने सराहना की।
आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा विद्यालय
शताब्दी समारोह में उपस्थित सभी अतिथियों ने विश्वास व्यक्त किया कि यह ऐतिहासिक विद्यालय आने वाले वर्षों में भी उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान करते हुए नई पीढ़ी को ज्ञान, अनुशासन और संस्कारों से समृद्ध करता रहेगा। कार्यक्रम का समापन विद्यालय की निरंतर प्रगति और उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ हुआ।

