जांजगीर-चांपा। एसडीएम द्वारा पूर्व मे शिवरीनारायण में जब्त 210 हाइवा अवैध रेत भंडारण में से लगभग 100 हाइवा रेत की चोरी कर ली गई है, जिसका वर्तमान बाजार मूल्य लगभग दस लाख रुपए बताई जा रही है। मामले की जानकारी होने के बाद भी एसडीएम केएस पैकरा ने अब तक थाने मे एफआईआर दर्ज नहीं कराई है। इस पूरे घटनाक्रम से एसडीएम और सुपूर्ददार की भूमिका काफी संदेहास्पद है।
आपकों बता दें कि लगभग एक माह पूर्व जांजगीर एसडीएम केएस पैकरा ने जिले के राजस्व अमले के साथ शिवरीनारायण में 210 हाइवा अवैध रेत भंडारण कर जब्ती कार्रवाई करते हुए वहां लाल झंडे लगवाया था। इस अवैध रेत भंड़ारण की निगरानी एवं सुरक्षा का दायित्व कोटवार सुन्दर चौहान को सौपते हुए उनके सुपूर्द किया था। अवैध रेत भंडारण पर जब्ती कार्रवाई के दौरान नवागढ़ तहसीलदार संजय मिंज और नायब तहसीलदार अनुराधा प्रधान भी उपस्थित थे। जब्ती की कार्रवाई के कुछ दिन बाद से ही रेत चोरी होना शुरू हो गया था। एसडीएम द्वारा शिवरीनारायण मे अवैध रेत भंडारण पर जब्ती कार्रवाई करने के कुछ दिन बाद से ही निर्माणधीन बैराज के पास मैदान (मवेशी बाजार) मे जब्त अवैध रेत भंड़ारण से कुछ लोगों व्दारा जेसीबी व हाईवा लगा कर रेत की चोरी करना प्रारंभ कर दिया गया है। इसे लेकर कुछ समाचार पत्रों ने एसडीएम व्दारा जब्त रेत की चोरी होने की खबरें प्रमुखता से प्रकाशित की थी। इस पर एसडीएम केएस पैकरा ने अपने दिए वर्जन में जब्त रेत को किसी को भी ले जाने या बेचने की अनुमति नही दिए जाने की बात कही है। इस खबर से नागरिकों को अपेक्षा थी कि एसडीएम इस मामले को गंभीरता से लेंगे और जब्त रेत की चोरी करने वालों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करेंगे। लेकिन अभी तक इस मामले में एसडीम या जिला प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नही की गई है। एसडीएम ने कार्रवाई के नाम पर केवल अवैध रेत भंड़ारण जब्ती का प्रतिवेदन जिला प्रशासन को सौपा है और वही दूसरी ओर अपने कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतते हुए अब तक रेत चोरी प्रकरण पर मौन है। रेत का प्रति हाइवा बाजार मूल्य 10000 (दस हजार) रुपये है। इस औसत से 1000000 (दस लाख ) रुपये मूल्य की रेत चोरी हो जाने के बाद भी अब तक एसडीएम द्वारा थाने मे एफआईआर दर्ज नहीं कराया गया है।
कोटवार की भूमिका भी संदिग्ध
एसडीएम श्री पैकरा ने अपनी कार्रवाई के दौरान शिवरीनारायण में 210 हाइवा अवैध रेत भंड़ारण पर कार्रवाई की थी। इसमें 175 हाइवा रेत निर्माणाधीन बैराज के पास मवेशी बाजार मैदान और 35 हाईवा रेत धान मंड़ी प्रांगण मे अवैध भंड़ारण शामिल है। वर्तमान मे निर्माणाधीन बैराज के पास मैदान के जब्त अवैध रेत भंडारण से रेत की लगातार चोरी हो रही है, और जो मैदान अवैध रेत भंड़ारण की जब्ती कार्रवाई के समय रेत से भरा हुआ था अब वह खाली नजर आ रहा है। इस संबंध मे रेत के सुपूर्ददार कोटवार सुन्दर चौहान का कहना है कि मैदान से लगभग 100 हाइवा रेत का उठाव हो गया है और वह इसकी जानकारी एसडीएम साहब को दे दी हैं, लेकिन रेत का उठाव कौन कर रहा है इस बात की जानकारी नहीं है। मामले में सुपूर्ददार की भूमिका भी काफी संदेहास्पद है।
रिपोर्ट लिखाने के इच्छुक नहीं एसडीएम
बीते 30 अगस्त को स्थानीय कुछ पत्रकारों ने जब एसडीएम केएस पैकरा को मोबाइल से उनके द्वारा शिवरीनारायण में जब्त अवैध रेत भंड़ारण से लगातार रेत चोरी होने की जानकारी देते हुए उनसे कार्रवाई के बारे में पूछा तो उन्होने 31 अगस्त को जांजगीर मे मुख्यमंत्री के कार्यक्रम संपन्न होने के बाद एफआईआर दर्ज कराने की बात कही थी। जांजगीर मे मुख्यमंत्री का कार्यक्रम संपन्न हुए एक सप्ताह से भी अधिक समय बीत चूका है, फिर एसडीएम एफआईआर दर्ज कराने के मूड में नहीं है। एसडीएम की ऐसी कार्यशैली से रेत माफियों को रेत चोरी करने का मौका मिल रहा है और उन लोगों का हौसला बुलंद नजर आ रहे
है।
टास्कफोर्स समिति भी मौन
जिले में गौण खनिज रेत, पत्थर, गिट्टी, मुरूम आदि के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर कार्रवाई के लिए कलेक्टर व्दारा जिले के राजस्व, पुलिस एवं खनिज विभाग के अधिकारियों की सयुक्त टीम बनाई गई है जो समय- समय पर छापामार कार्रवाई करती हैं। रेत माफिया शिवरीनारायण में एसडीएम व्दारा जब्त अवैध रेत भंड़ारण से लगातार रेत चोरी कर प्रशासन को खुली चुनौती दे रहे हैं और इस गठित समिति के अधिकारियों का कोई अता-पता नही है। ऐसे में इस टास्क फोर्स समिति के बलबूते पर जिले मे गौण खनिज के अवैध कारोबार की रोकथाम पर प्रश्न चिन्ह लग रहा है ।

