करोड़ों की गैस हेराफेरी का मास्टरमाइंड गिरफ्तार,77 लाख की एलपीजी गैस हेराफेरी का खुलासा…
महासमुंद: छत्तीसगढ़ में एलपीजी गैस की चोरी के मामले में महासमुंद पुलिस को सफलता हाथ लगी है। बहोत दिनों से फरार चल रहे मुख्य आरोपी संतोष सिंह ठाकुर और उसके बेटे सार्थक सिंह ठाकुर को महाराष्ट्र के कोल्हापुर से गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए एक होटल में छिप कर रह रहे थे।महासमुंद एसपी प्रभात कुमार ने बताया कि मामले की जांच के दौरान पुलिस की अलग-अलग टीमें रायपुर, कवर्धा, छुईखदान, कान्हा-किसली, कोलकाता, पुणे, मुंबई और कोल्हापुर समेत कई जगहों पर भेजी गई थीं। तकनीकी जांच, टोल प्लाजा रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी कोल्हापुर के न्यू चालुक्य होटल में ठहरे हुए हैं। इसके बाद स्थानीय पुलिस की मदद से दोनों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने संतोष ठाकुर के पास से 20 हजार रुपये नकद भी बरामद किए हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक, 24 दिसंबर 2025 को एलपीजी गैस से भरे छह कैप्सूल ट्रकों को जब्त किया गया था। गर्मी और सुरक्षा को देखते हुवे जिला प्रशासन ने इन ट्रकों को सुरक्षित स्थान पर रखने का फैसला लिया था। बाद में 30 मार्च 2026 को खाद्य विभाग की मौजूदगी में इन ट्रकों को उरला रायपुर स्थित ठाकुर पेट्रो कैमिकल्स के संचालक संतोष सिंह ठाकुर को सुपुर्द किया गया।जांच में सामने आया कि सुपुर्द किए गए पांच कैप्सूल ट्रकों में भरी करीब 87 टन एलपीजी गैस गायब कर दी गई, जिसकी कीमत लगभग 77 लाख रुपये बताई गई है। मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने संतोष सिंह ठाकुर समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया। इस केस में जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव, पंकज चंद्राकर, मनीष चौधरी और निखिल वैष्णव को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस अब इस गैस हेराफेरी कांड में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

