छत्तीसगढ़ बिलासपुर/वर्ष 2013-14 में CMHO मुंगेली द्वारा विभिन्न संवर्ग के रिक्त पदों के लिए विज्ञापन जारी किया गया था जिसमें स्वीपर पद भी सम्मिलित था। उस समय तत्कालीन CMHO द्वारा भर्ती में जम कर फर्जीवाड़ा किया गया था ।
डॉ जगदीश चन्द्र मेश्राम CMHO और टाइट्स स्थापना लिपिक द्वारा सारे नियम कानून कायदों को दर किनार करते हुए कई पदों पर नियम विरुद्ध नियुक्तियां प्रदान की गई। सन्तोष कुमार यादव को स्वीपर पद नियुक्ति प्रदान की गई थी ।सन्तोष यादव ने स्वीपर पद पर नियुक्ति हेतु आवेदन ही नही दिया था।
उक्त नियुक्ति के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई गई थी ।जिसे तत्कालीन CMHO ने नियमतः नियुक्ति का हवाला देते हुए फाइल नस्तीबद्ध कर दिया था ।विभागीय उच्च अधिकारियों से भी इस मामले में शिकायत दर्ज कराई गई थी। किन्तु कोई कार्यवाही नहीं होने से ऐसा प्रतीक होता है कि सभी अधिकारियों ने CMHO को संरक्षण प्रदान किया था।
शिकायतकर्ता द्वारा प्रधानमंत्री कार्यालय को प्रमाणित शिकायत दर्ज कराई थी। प्रधानमंत्री कार्यालय से दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही के निर्देश पर कलेक्टर मुंगेली द्वारा CMHO मुंगेली कार्यालय से दस्तावेज प्राप्त कर सूक्ष्म जांच उपरांत तत्कालीन CMHO डॉ जगदीशचन्द्र मेश्राम एवं पदस्थ स्वीपर सन्तोष कुमार यादव के विरुद्ध थाना में प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज कराने एवं नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करना सुनिश्चित करने तथा की गई कार्यवाही से अवगत कराने CMHO डॉ सी पी आगरे को दिनाँक 27/7/2019 को निर्देश जारी किया है।
किन्तु एक माह बीत जाने उपरांत भी अभी तक डॉ आगरे द्वारा दोषियों के विरुद्ध FIR दर्ज नही कराया गया है।
वर्ष 2014-15 में भी तत्कालीन CMHO डॉ सन्तोष कुमार बघेल के द्वारा लिपिकों की नियुक्ति में फर्जीवाड़ा किए जाने की शिकायत किया गया है जिसकी जांच लंबित रखा गया है ।
बहरहाल भर्ती प्रक्रिया और नियुक्ति में की गई गड़बड़ी तो जांच में उजागर हो गया किन्तु एफआईआर दर्ज कराने में CMHO मुंगेली द्वारा की जा रही लेट लतीफी, टाल मटोल के कई मतलब निकाले जा रहे हैं फिलहाल देखने वाली बात यह है कि क्या CMHO एफआईआर कराएंगे या फिर फर्जी नियुक्ति मामले की फाइल यूं ही धूल खाती पड़ी रहेगी!

