सनातन जनजागरण अभियान के तहत रायपुर में रुद्र सेना की बड़ी बैठक, गांव-गांव संगठन विस्तार का संकल्प
रायपुर के राम जानकी मंदिर, नर्मदा कुंड रेलवे स्टेशन के पास धर्म स्तंभ काउंसिल की रुद्र सेना द्वारा आयोजित विशाल बैठक में प्रदेशभर से पहुंचे कार्यकर्ताओं ने सनातन धर्म के संरक्षण, प्रचार-प्रसार और जनजागरण का संकल्प लिया। यह आयोजन उदयनिधि स्टालिन के सनातन विरोधी बयान के खिलाफ प्रदेशव्यापी “सनातन जनजागरण अभियान” की शुरुआत के रूप में आयोजित किया गया, जिसमें कार्यकर्ताओं ने विरोध स्वरूप स्टालिन के चित्र को सड़क पर रखकर जूतों की माला पहनाई और प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया।
राजधानी रायपुर सहित दुर्ग, बिलासपुर, राजनांदगांव, बेमेतरा और कोरबा से बड़ी संख्या में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने धर्म रक्षा और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने की शपथ ली। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि समाज में सनातन मूल्यों के प्रति जागरूकता फैलाना और संगठन को जमीनी स्तर तक विस्तारित करना बताया गया।
दक्षिण कौशल पीठाधीश्वर स्वामी राजीव लोचन दास ने कहा कि सनातन धर्म भारतीय संस्कृति की मूल चेतना है, जिसके विरुद्ध किसी भी प्रकार की टिप्पणी समाज की आस्था को ठेस पहुंचाती है। उन्होंने इस अभियान को धार्मिक चेतना और सांस्कृतिक एकता का महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया।
प्रदेश अध्यक्ष आलोक पांडेय ने कहा कि रुद्र सेना अब हर गांव, कस्बे और शहर में अपने संगठन का विस्तार करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सनातन धर्म के प्रचार और संरक्षण के लिए समर्पित कार्यकर्ताओं की नई टोली तैयार की जाएगी, जिससे समाज के प्रत्येक वर्ग तक धार्मिक जागरूकता पहुंचाई जा सके।
बैठक में उदयनिधि स्टालिन के पुतले को फांसी पर लटकाकर प्रतीकात्मक विरोध की भी तैयारी की गई। इस दौरान संगठन की आगामी रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई, जिसमें प्रदेशव्यापी जनसभाएं, धर्म यात्राएं और सामाजिक जागरूकता कार्यक्रमों को गति देने का निर्णय लिया गया।
रायपुर की यह बैठक अब सनातन जनजागरण अभियान की मजबूत शुरुआत के रूप में देखी जा रही है, जहां धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना को संगठित रूप देने का संदेश दिया गया।

