देवा नायक जनपद उपध्यक्ष महासमुंद ने छत्तीसगढ़ वासियों को पोला तिहार की बधाई और शुभकामनाएं दी है।
खेती किसानी में पशुधन के महत्त्व को दर्शाने वाला पोला पर्व छत्तीसगढ़ के सभी अंचलो में परंपरागत रूप से उत्साह के साथ मनाया जाता है.. इस दिन हम घर में ठेठरी,खुरमी जैसे कई पकवान बनाकर बैलों और जाता-पोरा की पूजा करते हैं और अन्न, जन, धन से घर भरा होने की प्रार्थना करते हैं। घरों में प्रतिमान स्वरूप मिट्टी के बैलों और बर्तनों की पूजा की जाती है, जिसे बच्चों को खेलने के लिए दिया जाता है।

