*आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़*
*NEET पेपर लीक में राजनीतिक मिलीभगत, शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें -उत्तम जायसवाल, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष, आप*
रायपुर, 13 मई 2026। NEET पेपर लीक मामले में आम आदमी पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह देश के 23 लाख छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ का मामला है। यह पूरी तरह से राजनीतिक संरक्षण और बड़े स्तर पर की गई मिलीभगत का परिणाम है। लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है और सवाल उठाया कि पिछले NEET पेपर लीक मामलों के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा क्यों नहीं दी गई।ऐसे पेपर आमतौर पर लीक नहीं होते। इसका मतलब है कि इसमें बड़े पैमाने पर किसी तरह की मिलीभगत है। इसमें राजनीतिक संरक्षण है। उन्होंने बताया कि 2017,2021, 2024 और अब 2026 में पेपर लीक,ये अजूबा कैसे हो रहा है? सब मिले हुए हैं।तंत्र को खबर क्यों नहीं लग पायी कि परीक्षा से 42 घंटे पहले ही व्हाटस एप पर कई प्रश्नपत्र बेचे जा रहे थे। 22 लाख से अधिक बच्चों ने पूरे साल रात-दिन जाग कर पढ़ाई की, और एक ही रात में उनका भविष्य खुलेआम बाजार में नीलाम हो गया। यह पहली बार नहीं है। पिछले 10 बरसों में 89 बार प्रश्नपत्र लीक हुए-48 बार परीक्षा दोबारा हुई। हर बार वही वादे, और फिर वही चुप्पी।सरकार ने आरोपों की व्यापक जांच के लिए मामला सीबीआई को सौंप दिया है।
आम आदमी पार्टी की मांग है कि केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा दें, सरकार बच्चों को मुआवजा दे और नीट पेपर लीक पर जेपीसी का गठन तुरंत हो। और आम आदमी पार्टी चेतावनी देती है कि यदि इस पर सरकार ने तत्काल अमल नहीं किया तो पार्टी सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी।
*मिहिर कुर्मी**प्रदेश मीडिया प्रभारी* *आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़**8461830001*
*NEET पेपर लीक में राजनीतिक मिलीभगत, शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें -उत्तम जायसवाल, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष, आप*
रायपुर, 13 मई 2026। NEET पेपर लीक मामले में आम आदमी पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह देश के 23 लाख छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ का मामला है। यह पूरी तरह से राजनीतिक संरक्षण और बड़े स्तर पर की गई मिलीभगत का परिणाम है। लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है और सवाल उठाया कि पिछले NEET पेपर लीक मामलों के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा क्यों नहीं दी गई।ऐसे पेपर आमतौर पर लीक नहीं होते। इसका मतलब है कि इसमें बड़े पैमाने पर किसी तरह की मिलीभगत है। इसमें राजनीतिक संरक्षण है। उन्होंने बताया कि 2017,2021, 2024 और अब 2026 में पेपर लीक,ये अजूबा कैसे हो रहा है? सब मिले हुए हैं।तंत्र को खबर क्यों नहीं लग पायी कि परीक्षा से 42 घंटे पहले ही व्हाटस एप पर कई प्रश्नपत्र बेचे जा रहे थे। 22 लाख से अधिक बच्चों ने पूरे साल रात-दिन जाग कर पढ़ाई की, और एक ही रात में उनका भविष्य खुलेआम बाजार में नीलाम हो गया। यह पहली बार नहीं है। पिछले 10 बरसों में 89 बार प्रश्नपत्र लीक हुए-48 बार परीक्षा दोबारा हुई। हर बार वही वादे, और फिर वही चुप्पी।सरकार ने आरोपों की व्यापक जांच के लिए मामला सीबीआई को सौंप दिया है।
आम आदमी पार्टी की मांग है कि केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा दें, सरकार बच्चों को मुआवजा दे और नीट पेपर लीक पर जेपीसी का गठन तुरंत हो। और आम आदमी पार्टी चेतावनी देती है कि यदि इस पर सरकार ने तत्काल अमल नहीं किया तो पार्टी सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी।
*मिहिर कुर्मी**प्रदेश मीडिया प्रभारी* *आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़**8461830001*

