*सरकार की अकर्मण्यता से छत्तीसगढ़ में भीषण पेयजल संकट, हर घर नल का दावा झूठा*

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी


*सरकार की अकर्मण्यता से छत्तीसगढ़ में भीषण पेयजल संकट, हर घर नल का दावा झूठा*
रायपुर 20 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी शुरू होते ही उत्पन्न पेयजल संकट के लिए भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा ने कहा है कि जल जीवन मिशन (JJM) के तहत घर-घर नल पहुंचाने का कार्य पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार में हुआ था लेकिन सरकार बदलते ही पेयजल परियोजनाओं पर ग्रहण लग गया, ठेकेदारों का भुगतान दुर्भावना पूर्वक रोके जाने से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में क्रियान्वयन (PHE विभाग की उदासीनता) नहीं हो रहा है जिसके चलते ही रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, जशपुर, बलरामपुर, अंबिकापुर और सूरजपुर सहित पूरे प्रदेश में हाहाकार की स्थिति निर्मित हो गई है। राजधानी रायपुर के 70 में से 35 वार्ड जल प्रभावित हैं, शहर के लगभग आधे हिस्से में पानी की भारी किल्लत है, मरम्मत के अभाव में पाइपलाइन खराब होने के कारण समस्या और बढ़ गई है। टैंकरों पर निर्भरता बढ़ गई है, ट्रिपल इंजन सरकार जनता के लिए ट्रबल इंजन साबित हो रहा है।
प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा ने कहा है कि सरकार के कुप्रबंधन के कारण जल स्तर में भारी गिरावट आई है, जिसके कारण ही गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। वनों की अंधाधुंध कटाई, अवैध रूप से भूजल का अत्यधिक दोहन, उद्योगों को प्राथमिकता देने की वजह से बांध और ऐनीकट तेजी से खाली हो रहे हैं। अप्रैल के महीने में ही कई इलाकों में 300-400 फीट नीचे भी पानी नहीं है, जिससे ग्रामीण ढोढ़ी का गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। गर्मी बढ़ने के साथ ही ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में हैंडपंप और बोरवेल जवाब दे रहे हैं, पुराने बोरवेल का उचित रखरखाव तक नहीं कर पा रही है सरकार। जल जीवन के तहत भी जहां 80 से 90 प्रतिशत काम हो चके है वहां पर भी सरकार ने काम रोक दिया है जिसमें जनता को लाभ नही मिल रहा है।
प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा ने कहा है कि इस साल पर्याप्त वर्षा और जलाशय में पुरी क्षमता के स्टोर के बावजूद सरकार की कॉर्पोरेट परस्त नीतियों की वजह से डैम का पानी तेजी से खाली हो रहा है। वर्तमान स्थिति में राज्य के 46 में से 32 डैमों में पिछले वर्ष की तुलना में कम पानी है, और 20 डैमों में जलस्तर 25 प्रतिशत से नीचे गिर गया है, सरकार की प्राथमिकता आम जनता को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि उद्योगों को जल के दुरुपयोग की खुली छूट देना है। नदी नालों पर कॉरपोरेट का एकाधिकार हो गया है, औद्योगिक अपशिष्ट से पेयजल दूषित हो रहा है और यह सरकार सोई हुई है।

सुरेंद्र वर्मावरिष्ठ प्रवक्ताछत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटीमोबाइल 98262-74000

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