सालेम इंग्लिश स्कूल, रायपुर प्रबंधन की ओर से यह स्पष्ट किया जाता है कि विद्यालय की प्रभारी प्राचार्य रुपिका लॉरेंस के विरुद्ध लगाए जा रहे धर्मांतरण के आरोप पूर्णतः मिथ्या, निराधार एवं षड्यंत्रपूर्ण हैं।

सालेम इंग्लिश स्कूल, रायपुर प्रबंधन की ओर से यह स्पष्ट किया जाता है कि विद्यालय की प्रभारी प्राचार्य रुपिका लॉरेंस के विरुद्ध लगाए जा रहे धर्मांतरण के आरोप पूर्णतः मिथ्या, निराधार एवं षड्यंत्रपूर्ण हैं।


विद्यालय प्रबंधन यह स्पष्ट करना चाहता है कि कुछ स्वार्थी तत्वों द्वारा चल रही वित्तीय अनियमितताओं एवं करोड़ों रुपए के कथित गबन की जांच से ध्यान भटकाने के उद्देश्य से इस प्रकार के गंभीर और संवेदनशील आरोप गढ़े जा रहे हैं।
हाल ही में कुछ कर्मचारियों (आया/भाई वर्ग) को आगे कर पुलिस में की गई शिकायत का अवलोकन करने पर यह स्पष्ट होता है कि उनका विषय से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। यह शिकायत सुनियोजित तरीके से संस्था एवं व्यक्तिगत छवि को धूमिल करने के लिए तैयार कराई गई प्रतीत होती है।
प्रबंधन के संज्ञान में यह भी आया है कि कुछ पूर्व पदाधिकारी — जिनमें अरुण पन्नालाल, अतुल आर्थर, शशि वाघे, नीलिमा रॉबिंस, मेनका जॉर्ज, सपना जॉर्ज, अखिलेश नंद एवं अजय जॉन शामिल हैं — के विरुद्ध वित्तीय अनियमितताओं, जालसाजी एवं दस्तावेजों में हेरफेर की गंभीर शिकायतें लंबित हैं, जिनकी जांच प्रचलित है।
इसी जांच से बचने और उसे प्रभावित करने के उद्देश्य से यह भ्रामक वातावरण तैयार किया जा रहा है।
यह भी स्पष्ट किया जाता है कि:कर्मचारियों के पीएफ से संबंधित भुगतान पूर्व में ही किया जा चुका है।
दिनांक 01 दिसंबर 2025 से जिला प्रशासन द्वारा नियुक्त प्रशासक एवं डीईओ के माध्यम से कर्मचारियों का वेतन नियमित रूप से दिया गया है।
इसके विपरीत, स्वयं प्रभारी प्राचार्य एवं शिक्षकों का वेतन जानबूझकर रोका गया, जबकि डीईओ द्वारा कई बार लिखित निर्देश दिए गए थे।
दिनांक 27/03/2026 को सीडीबीई (CDBE) का विधिवत चुनाव संपन्न हुआ, जिसमें नई समिति का गठन हुआ। इसके पश्चात वित्तीय अनियमितताओं की जांच हेतु एक स्वतंत्र जांच समिति गठित की गई।
उक्त जांच से घबराकर ही कुछ तत्वों द्वारा झूठे आरोपों एवं भ्रामक प्रचार का सहारा लिया जा रहा है।

अतः, सालेम इंग्लिश स्कूल प्रबंधन आमजन, अभिभावकों एवं मीडिया से आग्रह करता है कि ऐसे भ्रामक एवं असत्य आरोपों पर ध्यान न दें और सत्य एवं न्याय की प्रक्रिया में सहयोग करें।

संस्था यह भी स्पष्ट करती है कि इस प्रकार की झूठी शिकायतों एवं मानहानि के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने का अधिकार सुरक्षित रखा गया है।

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