फसल बीमा :भ्रष्टाचार निजी मामला कैसे, पूछा किसान सभा संजय पराते,


छत्तीसगढ़ किसान सभा ने वर्ष 2014 में फसल बीमा योजना में तत्कालीन कृषि आयुक्त और प्रदेश के पूर्व सचिव अजयसिंह द्वारा किये गए भ्रष्टाचार की जानकारी सूचना के अधिकार के तहत सार्वजनिक न करने के राज्य सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि भ्रष्टाचार इस अफसर का निजी मामला कैसे हो सकता है?

आज यहां जारी एक बयान में छग किसान सभा के अध्यक्ष संजय पराते और महासचिव ऋषि गुप्ता ने आरोप लगाया है कि फसल बीमा योजना में भाजपा नेता प्रतापराव कृदत्त के साथ मिलकर की गई गड़बड़ियों की कांग्रेस सरकार पर्दापोशी कर रही है और यही कारण है कि ईओडब्ल्यू को जांच करने की अनुमति देने के बजाए कृषि विभाग ने मामला सामान्य प्रशासन विभाग के पाले में डाल दिया है।

किसान सभा नेताओं ने कहा कि यह हास्यास्पद है कि जिस व्यक्ति पर भ्रष्टाचार का आरोप है, उसी व्यक्ति से भ्रष्टाचार से संबंधित कागजातों को सार्वजनिक करने के लिए सहमति मांगी जा रही है, जबकि घोटाले में शामिल बीमा कंपनियों के खिलाफ कृषि विभाग पहले ही वसूली के आदेश दे चुका है।

किसान सभा ने मांग की है कि इस भ्रष्टाचार की जांच बिना हीला-हवाले ईओडब्ल्यू को सौंपी जाएं और शिकायतकर्ता आवेदक को प्रकरण की पूरी फ़ाइल सौंपी जाएं।


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