छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं पूर्व जनपद अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे ने भारत देश के 6वें प्रधानमंत्री कंप्यूटर के जनक ,पंचायती राज,18 वर्ष उम्र वोट अधिकार दिलाने वाले, शांति के दूत, भारत रत्न, इंदिरा गांधी शांति पुरस्कार से सम्मानित, युवाओं के प्रेरणा स्रोत इंदिरा गांधी के पुत्र, पंडित जवाहरलाल नेहरू जी के दौहित्र(नाती) आदरणीय राजीव गांधी जी को 75 वें जन्मदिवस पर राष्ट्र नमन करता है।
कांग्रेस प्रदेश सचिव राजेन्द्र बंजारे ने राजीव जी के बारे में बताते हुए कहा कि कांग्रेस (I) के शासनकाल में अक्टूबर, 1984 से दिसंबर 1989 तक देश के प्रधानमंत्री रहे राजीव गांधी का जन्म 20 अगस्त, 1944 को हुआ था। आज उनकी 75वीं वर्षगांठ है। जब देश आजाद हुआ था तब राजीव गांधी सिर्फ 3 साल के थे और आजादी के 37 सालों बाद 40 की उम्र में वो देश के सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री बने। देश के इतिहास में अब तक इतनी ज्यादा सीटों के साथ कभी सरकार नहीं बनी है और भविष्य में भी ऐसा दोबारा होने की उम्मीद नहीं है। राजीव गांधी के शासनकाल में 508सीटों में से 401 सीटों पर कांग्रेस पार्टी का कब्जा था।
कांग्रेस प्रदेश सचिव राजेन्द्र बंजारे ने आज उनकी जयंती के मौके ऐसी 10 बातें बताई जो आप ने नहीं सुनी होगी…
- आजाद भारत के इतिहास के सबसे कम 40 साल की उम्र में प्रधानमंत्री बने।
- राजीव गांधी एक फ्लाइंग क्लब के मैंबर भी थे जहां से उन्होंने सिविल एविएशन की ट्रेनिंग भी ली थी।
- 1970 में उन्होंने एक पायलट के तौर पर एयर इंडिया ज्वाइन किया था और 1980 तक पॉलिटिक्स ज्वाइन करने से पहले तक वो एयर इंडिया के लिए काम करते रहे।
- राजीव गांधी सरकार के दौरान भी देशभर में डिजीटाइजेशन और कंप्यूटराइजेशन पर विशेष ध्यान दिया गया था।
- 1981 में उन्हें कांग्रेस पार्टी के यूथ विंग के प्रेसिडेंट के तौर पर चुना गया था।
- राजीव गांधी के नेतृत्व में ही कांग्रेस पार्टी ने 408 सीटों के बहुमत के साथ केंद्र में सरकार बनाई थी।
- राजीव गांधी को हिन्दुस्तानी शास्त्रीय और आधुनिक संगीत पसंद था, उन्हें रेडियो सुनने तथा फोटोग्राफी का भी शौक था। राजीव गांधी को सुरक्षाकर्मियों का घेरा बिलकुल पसंद नहीं था। वे अपनी जीप खुद ड्राइव करना पसंद करते थे।
- देश में बिजली, तकनीक और कंप्यूटर सेवा बहाल करने पर उनका हमेशा से जोर था और आज देश में अगर इतनी तेजी से कंप्यूटर तकनीक बदली है तो इसमें राजीव गांधी का योगदान अमूल्य माना जाएगा।
- 21 मई 1991 को राजीव गांधी विशाखापट्टनम से चुनावी अभियान को पूरा करने के बाद श्रीपेरुंबदूर में रुके जो कि मद्रास से 22 किलोमीटर दूर है। यहां पर वह अपनी कार से उतकर उस जगह की ओर पैदल ही चल पड़े जहां से उन्हें भाषण देना था।
- इसी इवेंट के दौरान एलटीटीई (श्रीलंका में अलगाववादी मूवमेन्ट चला रहा एक ग्रुप) ने राजीव जी की हत्या कर दी।

