*राष्ट्रीय ग्रामीण अजीविका मिशन अंतर्गत महासमुंद के महिलाओं एवं किसानों के लिये पशु चिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय अंजोरा में “बकरीपालन प्रबंधन एवं उद्यमिता विकास” में तीन दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न*
पशु चिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय अंजोरा, दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनू विश्वविदयालय, अंजोरा, दुर्ग (छ.ग.) में ए.आई.सी.आर.पी अंजोरी बकरी परियोजना एवं राष्ट्रीय ग्रामीण अजीविका मिशन जिला पंचायत महासमुंद (छ.ग.) के अनुरोध पर महिलाओं एवं किसानों के लिये तीन दिवसीय “बकरीपालन प्रबंधन एवं उद्यमिता विकास” में प्रशिक्षण कार्यक्रम दिनांक 17 से 19 मार्च 2026 तक सम्पन्न हुआ, जिसमें बकरी पालन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी जैसे छत्तीसगढ में बकरी पालन की संभावनायें, छत्तीसगढ की जलवायु के लिये उपयुक्त नस्ले, नस्ल सुधार, कृत्रिम गर्भाधान एवं महत्व, आवास एवं सामान्य प्रबंधन, पोषण एवं भोजन का प्रबंधन, बकरियों में आकस्मिक शल्य चिकित्सा एवं प्राथमिक उपचार, बकरियों में होने वाली महत्वपूर्ण बीमारियां, उनका टीकाकरण, रोकथाम, छत्तीसगढ एवं भारत सरकार दवारा बकरी पालन व्यवसाय को बढावा देने के लिये चलाई जा रही वाली महत्वपूर्ण योजनाये जैसे राज्य एवं नाबार्ड पोषित योजनाये, आवेदन प्रक्रिया, बैंक लोन की प्रक्रिया, छत्तीसगढ राज्य में बकरीपालन में संभावनायें के बारे में विभिन्न विषय विशेषज्ञों के द्वारा सारगर्भित व्याख्यान एवं प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया गया एवं अंजोरी एवं ओस्मानाबादी यूनिट एवं विभिन्न फार्म का भ्रमण कराया गया। इस प्रशिक्षण में महासमुंद के 30 महिलाओं एवं किसानों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के अन्त में विश्वविद्यालय के कुलपति डा.आर.आर.बी. सिंह, पशुचिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय अंजोरा, दुर्ग के अधिष्ठाता डा. सुशान्त पाल, निदेशक फार्म डा. धीरेन्द्र भोसले, प्रशिक्षण प्रभारी डा. रामचंद्र रामटेके ने सभी प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाणपत्र वितरित कर इनके उज्वल्ल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर कुलपति ने अपने उदबोधन में बकरी पालन में वैज्ञानिक तरीके अपनाकर एवं छोटे किसान कम लागत एवं छोटे यूनिट से बकरीपालन शुरू कर सकते है एवं शासन की बकरीपालन योजना का लाभ लेकर अपना आर्थिक उन्नयन कर सकते है। इस प्रशिक्षण को सफल बनाने में महासमुंद जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हेमन्त नंदनवार (आई.ए.एस) के विशेष प्रयास से एन.आर.एल.एम फंड से प्रशिक्षण दिया गया। इस कार्यकम का मंच संचालन डा. भारती साहू एवं धन्यवाद ज्ञापन डा. शब्बीर अनंत के द्वारा किया गया।

