सेंट विंसेंट पैलोटी कॉलेज में वार्षिक उत्सव “आरॊहण 3.0 – सेलिब्रेशन ऑफ एक्सीलेंस, इंस्पायरिंग टुमॉरो” का भव्य आयोजन

सेंट विंसेंट पैलोटी कॉलेज में वार्षिक उत्सव “आरॊहण 3.0 – सेलिब्रेशन ऑफ एक्सीलेंस, इंस्पायरिंग टुमॉरो” का भव्य आयोजन

सेंट विंसेंट पैलोटी कॉलेज में वार्षिक उत्सव “आरॊहण 3.0 – सेलिब्रेशन ऑफ एक्सीलेंस, इंस्पायरिंग टुमॉरो” का भव्य आयोजन अत्यंत उत्साह एवं गरिमा के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पुरंदर मिश्रा (विधायक, रायपुर) एवं मीनल चौबे (महापौर, नगर निगम रायपुर) उपस्थित रहीं। विशिष्ट अतिथि के रूप में रेव्ह. फादर शांति प्रकाश पन्ना (पूर्व प्रोविंशियल रेक्टर, रायपुर प्रोविंस) की गरिमामयी उपस्थिति रही।कॉलेज के डायरेक्टर फा. अमित तिर्की ने स्वागत भाषण में अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया तथा विद्यार्थियों की सराहना करते हुए उनके उत्साह और प्रतिभा की प्रशंसा की।मुख्य अतिथि श्री पुरंदर मिश्रा जी ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि देश का भविष्य उनके हाथों में है और वे अपने ज्ञान, परिश्रम एवं नैतिक मूल्यों के माध्यम से सशक्त एवं सुदृढ़ भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। महापौर श्रीमती मीनल चौबे जी ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें निरंतर उत्कृष्टता की ओर अग्रसर रहने हेतु प्रेरित किया।कार्यक्रम की संकल्पना “प्राचीन भारत से विकसित भारत 2047” की यात्रा पर आधारित थी, जिसमें भारत की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक, वैज्ञानिक एवं सामाजिक प्रगति को आकर्षक प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शाया गया। आयोजन का आरंभ प्राचीन भारत की महान परंपराओं से हुआ, जहाँ पंचतत्व, एकता की समृद्ध संस्कृति, उन्नत विज्ञान तथा जीवनशैली की भव्यता को प्रभावशाली नृत्य एवं दृश्य प्रस्तुतियों द्वारा प्रदर्शित किया गया।इसके पश्चात कार्यक्रम ने उस ऐतिहासिक काल की ओर यात्रा की, जब भारत ने वीरता के अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किए। मंचन के माध्यम से देश के शौर्य, त्याग और बलिदान की गाथाओं को जीवंत किया गया, जिसने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया।आगे बढ़ते हुए प्रस्तुतियों में वर्तमान भारत की उपलब्धियों को दर्शाया गया। विज्ञान, तकनीक, शिक्षा, खेल, अंतरिक्ष तथा सामाजिक विकास जैसे विविध क्षेत्रों में भारत की प्रगति को नृत्य, नाट्य एवं आकर्षक प्रस्तुतिकरण के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। विद्यार्थियों ने अपने कौशल और रचनात्मकता का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए यह संदेश दिया कि आज का भारत निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है।कार्यक्रम के अंतिम चरण में “विकसित, आनंदित एवं सशक्त भारत – इंडिया 2047” की परिकल्पना को साकार रूप में प्रस्तुत किया गया। प्रस्तुतियों में एक ऐसे भारत की झलक दिखाई गई जो आत्मनिर्भर, समृद्ध, तकनीकी रूप से सशक्त तथा सांस्कृतिक रूप से गौरवान्वित है।कॉलेज के प्राचार्य डॉ. कुलदीप दुबे ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए शैक्षणिक, सांस्कृतिक, खेल एवं सामाजिक क्षेत्रों में महाविद्यालय की उपलब्धियों का विस्तृत विवरण दिया। उन्होंने बताया कि महाविद्यालय का परीक्षा परिणाम सदैव 90 प्रतिशत से अधिक रहा है, जो संस्था की उत्कृष्ट शैक्षणिक गुणवत्ता एवं विद्यार्थियों की मेहनत का प्रमाण है। छात्र-छात्राओं ने अध्ययन के साथ-साथ खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों एवं विभिन्न सेमिनारों में भी उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त कर महाविद्यालय का नाम गौरवान्वित किया है।कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन उप-प्राचार्या डॉ. जी. पदम गौरी ने किया। संपूर्ण कार्यक्रम की प्रभारी श्रीमती रमोला विकास दान रहीं। इस अवसर पर विभिन्न कॉलेजों एवं विद्यालयों के प्राचार्यगण, सभी विभागों के विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।

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