सरकारी शराब दुकानों में वेतन घोटाले का आरोप — दो माह में लगभग 1 करोड़ रुपये की संदिग्ध कटौती! युवा कांग्रेस ने उच्चस्तरीय जांच और FIR की मांग की रायपुर / __________।सरकारी शराब दुकानों में कार्यरत कर्मचारियों के वेतन से पिछले दो माह से ₹10,000 प्रति कर्मचारी की अवैध कटौती किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि आधिकारिक ऐप/रिकॉर्ड में पूरा वेतन दर्शाया जा रहा है, जबकि कर्मचारियों के बैंक खातों में कम राशि जमा हो रही है।प्राप्त जानकारी के अनुसार एक दुकान में औसतन 7 कर्मचारी कार्यरत हैं। यदि ऐसी लगभग 70 दुकानें संचालित हैं, तो एक महीने में करीब ₹49 लाख और दो महीनों में लगभग ₹98 लाख (करीब 1 करोड़ रुपये) की संदिग्ध राशि कटती प्रतीत होती है।युवा कांग्रेस प्रदेश सचिव फहीम शेख ने कहा कि“ऐप में पूरा वेतन दिखाकर बैंक खाते में कम राशि भेजना गंभीर वित्तीय अनियमितता है। ₹10,000 प्रति कर्मचारी आखिर जा कहाँ रहा है? इसका जवाब प्रशासन को देना होगा।”उन्होंने आगे कहा कि कर्मचारियों को न तो किसी प्रकार का लिखित आदेश दिया गया है, न PF/ESI संबंधी स्पष्ट जानकारी या वेतन स्लिप उपलब्ध कराई गई है। यह सीधे-सीधे श्रमिकों के अधिकारों का उल्लंघन है।युवा कांग्रेस ने प्रशासन से मांग की है कि:पूरे मामले की तत्काल उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।दोषी अधिकारियों/ठेकेदारों के विरुद्ध FIR दर्ज की जाए।कर्मचारियों को काटी गई राशि ब्याज सहित वापस दिलाई जाए।यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन आंदोलन, RTI और जनदबाव के माध्यम से इस मुद्दे को व्यापक स्तर पर उठाएगा।— जारीकर्ता —फहीम शेखप्रदेश सचिव, युवा कांग्रेस
सरकारी शराब दुकानों में वेतन घोटाले का आरोप — दो माह में लगभग 1 करोड़ रुपये की संदिग्ध कटौती! युवा कांग्रेस ने उच्चस्तरीय जांच और FIR की मांग की

