रायपुर: कबीर नगर में कचरा डंपिंग व दहन से जन-स्वास्थ्य प्रभावित, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संरक्षण आयोग ने प्रशासन का ध्यान आकृष्ट किया
रायपुर, छत्तीसगढ़ | दिनांक: 16 फरवरी 2026
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संरक्षण आयोग के छत्तीसगढ़ प्रदेश महासचिव श्री प्रदुमन शर्मा ने रायपुर के कबीर नगर स्थित ‘बी.एस.यू.पी वाल्मीकि आवास’ के समक्ष हो रहे अवैध कचरा डंपिंग और उसके अनियंत्रित दहन (जलाने) की गंभीर समस्या पर चिंता व्यक्त की है। आयोग ने इस विषय में क्षेत्रीय अधिकारी, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल को एक औपचारिक पत्र प्रेषित कर स्थानीय नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा हेतु समुचित हस्तक्षेप का आग्रह किया है। आयोग ने प्रशासन को स्मरण कराया है कि नागरिकों को ‘स्वच्छ पर्यावरण में जीवन यापन’ करने का मौलिक अधिकार प्राप्त है। नगर पालिक निगम रायपुर जोन-आठ के कार्यक्षेत्र में कचरे का अनुचित संग्रहण इस अधिकार का उल्लंघन प्रतीत होता है। रिहाइशी इलाके के अत्यंत निकट कचरा संग्रहण और उसके उपरांत होने वाला दहन ‘कार्सिनोजेनिक’ (कैंसरकारी) धुएं को जन्म दे रहा है। यह स्थिति विशेष रूप से बच्चों, बीमार व्यक्तियों और वृद्धों के लिए जीवन के अधिकार का संकट उत्पन्न कर रही है। Solid Waste Management Rules 2016 और माननीय नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के स्पष्ट निर्देश हैं कि खुले में कचरा जलाना एक दंडनीय अपराध है। श्री शर्मा ने पत्र के माध्यम से आग्रह किया है कि इन नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।इस संदर्भ में आयोग ने ‘अलमित्रा एच. पटेल बनाम यूनियन ऑफ इंडिया’ मामले में माननीय न्यायालय द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का संदर्भ देते हुए प्रशासन से इस पर त्वरित संज्ञान लेने का अनुरोध किया है।
श्री प्रद्युम्न शर्मा ने कहा, “हमारा उद्देश्य किसी की आलोचना करना नहीं, बल्कि नागरिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना है। हम प्रशासन से अपेक्षा करते हैं कि इस डंपिंग यार्ड को यथाशीघ्र उचित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए ताकि स्थानीय निवासी भयमुक्त और स्वच्छ वातावरण में श्वास ले सकें। यदि इस दिशा में संतोषजनक प्रगति नहीं होती है, तो जनहित में हमें उच्च स्तरीय जांच एवं वैधानिक उपचार हेतु नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (सेंट्रल जोन बेंच) के समक्ष जाने पर विचार करना होगा।”

