*दाऊ श्री वासुदेव दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनू वि.वि. दुर्ग (छ.ग.) एवं छत्तीसगढ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, रायपुर (छ.ग.) के सहयोग यूरिया मोलासिस मिनरल ब्लाक एवं संपूर्ण पशु आहार बनाने की तकनीक, पशु आहार प्रबंधन एवं उद्यमिता विकास विषय में 2 दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न*

*दाऊ श्री वासुदेव दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनू वि.वि. दुर्ग (छ.ग.) एवं छत्तीसगढ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, रायपुर (छ.ग.) के सहयोग यूरिया मोलासिस मिनरल ब्लाक एवं संपूर्ण पशु आहार बनाने की तकनीक, पशु आहार प्रबंधन एवं उद्यमिता विकास विषय में 2 दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न*


दाऊ श्री वासुदेव दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनू वि.वि. दुर्ग (छ.ग.) एवं छत्तीसगढ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, रायपुर (छ.ग.) के सहयोग यूरिया मोलासिस मिनरल ब्लाक एवं संपूर्ण पशु आहार बनाने की तकनीक, पशु आहार प्रबंधन एवं उद्यमिता विकास विषय में 2 दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न पशु पोषण विभाग, पशु चिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय अंजोरा, दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनू विश्वविदयालय, दुर्ग (छ.ग.) एवं छत्तीसगढ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, रायपुर (छ.ग.) के सहयोग से ग्राम सिर्री, विकासखंड कुरूद, जिला धमतरी (छ.ग.) के पशुपालक एवं किसानों के लिये “यूरिया मोलासिस मिनरल ब्लाक एवं संपूर्ण पशु आहार बनाने की तकनीक, पशुआहार प्रबंधन एवं उद्यमिता विकास” विषय में 2 दिवसीय प्रशिक्षण 05-06 फरवरी, 2026 को सम्पन्न हुआ, जिसमें छत्तीसगढ में दुधारू पशुओ / कुक्कुट / बकरी / सूकर आहार के लिये सस्ते एवं सुलभ रूप से उपलब्ध आहार घटक, दुधारू पशुओं व गाय / बकरी का आहार प्रबंधन, गाय / बकरी की नस्लें, आवास व्यवस्था, प्रबंधन एवं देखभाल, दुधारू पशुओं गाय/बकरी में होने वाले महत्वपूर्ण रोग, रोकथाम, बचाव एवं प्रबंधन, छत्तीसगढ में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विकास में छ.ग. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, रायपुर (छ. ग.) की सहभागिता एवं योगदान, छत्तीसगढ एवं भारत सरकार दवारा चारा उत्पादन को बढावा देने के लिये चलाई जा रही वाली महत्वपूर्ण योजनाये जैसे एन.एल.एम एवं नाबार्ड पोषित योजनाये, आवेदन प्रक्रिया, बैंक लोन की प्रक्रिया के बारे में विभिन्न विषय विशेषज्ञों के द्वारा सारगर्भित व्याख्यान एवं छत्तीसगढ में उपलब्ध पशुआहार घटक के उपयोग से संपूर्ण पशु आहार आहार बनाने की तकनीक, यूरिया मोलासिस मिनरल ब्लाक एवं धान पैरा का यूरिया उपचार तकनीक का पशुपालक किसानों के समक्ष प्रायोगिक प्रशिक्षण एवं जीवन्त प्रदर्शन किया गया। इस प्रशिक्षण में धमतरी जिले के 41 गौपालक एवं किसानों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के अन्त में जिले के उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवायें डा. ए.के. मरकाम, विश्वविद्यालय से आये परियोजना प्रभारी डा. एम. के. गेंदलें, प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष एवं अधिष्ठाता मत्सियिकी महाविद्यालय कबीरधाम, डा. महेन्द चंद्रवंशी, वैज्ञानिक, सीजीकास्ट, प्रशिक्षण प्रभारी डा. रामचंद्र रामटेके, विभाग के पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ डा. भूपेन्द्र सिन्हा डा. तरूण साहू डा. प्रमोद साहू वि.वि. के विषय विशेषज्ञ डा. के. आर. बघेल डा.शबीर अनंत की उपस्थिति में सभी प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाणपत्र वितरित कर इनके उज्वल्ल भविष्य की कामना की। इस कार्यकम का संचालन डा. रामचंद्र रामटेके, एवं धन्यवाद ज्ञापन डा. भूपेन्द्र सिन्हा के द्वारा किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सरपंच श्री देशान्त सिन्हा, डा. सोनालि पुष्टि, डा. अनुराधा सोनी, श्री.एस.सी.चौबे, भूमिका यादव, देवनारायण पांडे, देवेन्द्र कुमार चतुर्वेदी एवं सिर्री के ग्गप्रमवासियों का सहयोग रहा।.) एवं छत्तीसगढ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, रायपुर (छ.ग.) के सहयोग यूरिया मोलासिस मिनरल ब्लाक एवं संपूर्ण पशु आहार बनाने की तकनीक, पशु आहार प्रबंधन एवं उद्यमिता विकास विषय में 2 दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न पशु पोषण विभाग, पशु चिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय अंजोरा, दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनू विश्वविदयालय, दुर्ग (छ.ग.) एवं छत्तीसगढ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, रायपुर (छ.ग.) के सहयोग से ग्राम सिर्री, विकासखंड कुरूद, जिला धमतरी (छ.ग.) के पशुपालक एवं किसानों के लिये “यूरिया मोलासिस मिनरल ब्लाक एवं संपूर्ण पशु आहार बनाने की तकनीक, पशुआहार प्रबंधन एवं उद्यमिता विकास” विषय में 2 दिवसीय प्रशिक्षण 05-06 फरवरी, 2026 को सम्पन्न हुआ, जिसमें छत्तीसगढ में दुधारू पशुओ / कुक्कुट / बकरी / सूकर आहार के लिये सस्ते एवं सुलभ रूप से उपलब्ध आहार घटक, दुधारू पशुओं व गाय / बकरी का आहार प्रबंधन, गाय / बकरी की नस्लें, आवास व्यवस्था, प्रबंधन एवं देखभाल, दुधारू पशुओं गाय/बकरी में होने वाले महत्वपूर्ण रोग, रोकथाम, बचाव एवं प्रबंधन, छत्तीसगढ में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विकास में छ.ग. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, रायपुर (छ. ग.) की सहभागिता एवं योगदान, छत्तीसगढ एवं भारत सरकार दवारा चारा उत्पादन को बढावा देने के लिये चलाई जा रही वाली महत्वपूर्ण योजनाये जैसे एन.एल.एम एवं नाबार्ड पोषित योजनाये, आवेदन प्रक्रिया, बैंक लोन की प्रक्रिया के बारे में विभिन्न विषय विशेषज्ञों के द्वारा सारगर्भित व्याख्यान एवं छत्तीसगढ में उपलब्ध पशुआहार घटक के उपयोग से संपूर्ण पशु आहार आहार बनाने की तकनीक, यूरिया मोलासिस मिनरल ब्लाक एवं धान पैरा का यूरिया उपचार तकनीक का पशुपालक किसानों के समक्ष प्रायोगिक प्रशिक्षण एवं जीवन्त प्रदर्शन किया गया। इस प्रशिक्षण में धमतरी जिले के 41 गौपालक एवं किसानों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के अन्त में जिले के उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवायें डा. ए.के. मरकाम, विश्वविद्यालय से आये परियोजना प्रभारी डा. एम. के. गेंदलें, प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष एवं अधिष्ठाता मत्सियिकी महाविद्यालय कबीरधाम, डा. महेन्द चंद्रवंशी, वैज्ञानिक, सीजीकास्ट, प्रशिक्षण प्रभारी डा. रामचंद्र रामटेके, विभाग के पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ डा. भूपेन्द्र सिन्हा डा. तरूण साहू डा. प्रमोद साहू वि.वि. के विषय विशेषज्ञ डा. के. आर. बघेल डा.शबीर अनंत की उपस्थिति में सभी प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाणपत्र वितरित कर इनके उज्वल्ल भविष्य की कामना की। इस कार्यकम का संचालन डा. रामचंद्र रामटेके, एवं धन्यवाद ज्ञापन डा. भूपेन्द्र सिन्हा के द्वारा किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सरपंच श्री देशान्त सिन्हा, डा. सोनालि पुष्टि, डा. अनुराधा सोनी, श्री.एस.सी.चौबे, भूमिका यादव, देवनारायण पांडे, देवेन्द्र कुमार चतुर्वेदी एवं सिर्री के ग्गप्रमवासियों का सहयोग रहा।

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