कबीर नगर में करीब एक माह से बदहाल सड़कों को लेकर अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार संरक्षण आयोग ने की निगम में शिकायत
रायपुर, 10 फरवरी 2026
अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार संरक्षण आयोग के छत्तीसगढ़ प्रदेश महासचिव प्रदुमन शर्मा ने कबीर नगर के पंडित जवाहर लाल नेहरू वार्ड (वार्ड नं. 02) में पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों की बदहाली और ठेकेदार की लापरवाही के खिलाफ नगर पालिक निगम रायपुर के जोन कमिश्नर (जोन-08), महापौर और निगम आयुक्त को शिकायत पत्र सौंपकर तत्काल कार्यवाही की मांग की है। शिकायत पत्र में उल्लेख किया गया है कि पाइपलाइन कार्य के बाद सड़कों को खोदकर छोड़ दिया गया है, जिससे यह क्षेत्र ‘जनता की जान से खिलवाड़’ का केंद्र बन गया है। कंक्रीट रोड तोड़कर मलबा लावारिस छोड़ दिया गया है। खुले गड्ढे और कीचड़ भरी सड़कें किसी भी समय बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती हैं। अभी कुछ समय पहले हीरापुर चौक पर हुई जनहानि ऐसी ही लापरवाही का जीता जागता उदहारण है.आयोग ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षित सड़क और स्वस्थ वातावरण नागरिकों का बुनियादी अधिकार है, और वर्तमान स्थिति सीधे तौर पर मानवाधिकारों का उल्लंघन है। हफ़्तों से जनता प्रताड़ित हो रही है, लेकिन अधिकारियों की उदासीनता ठेकेदारों को संरक्षण देने जैसा है।
आयोग ने पत्र के माध्यम से जोन कमिशनर से मांग की है कि संबंधित ठेकेदार को तत्काल मलबा हटाने और सड़क समतलीकरण के निर्देश दिए जाएं।कार्य क्षेत्र में सुरक्षा मानकों (बैरीकेडिंग एवं संकेतक) का पालन सुनिश्चित हो। लापरवाह अधिकारियों और ठेकेदार पर उचित दंडात्मक कार्यवाही की जाए।
प्रदुमन शर्मा (प्रदेश महासचिव) ने आगे कहा कि यदि इस दौरान कोई भी अप्रिय घटना या जनहानि होती है, तो इसके लिए सीधे तौर पर संबंधित इंजीनियर जिम्मेदार होंगे।
रायपुर, 10 फरवरी 2026
अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार संरक्षण आयोग के छत्तीसगढ़ प्रदेश महासचिव प्रदुमन शर्मा ने कबीर नगर के पंडित जवाहर लाल नेहरू वार्ड (वार्ड नं. 02) में पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों की बदहाली और ठेकेदार की लापरवाही के खिलाफ नगर पालिक निगम रायपुर के जोन कमिश्नर (जोन-08), महापौर और निगम आयुक्त को शिकायत पत्र सौंपकर तत्काल कार्यवाही की मांग की है। शिकायत पत्र में उल्लेख किया गया है कि पाइपलाइन कार्य के बाद सड़कों को खोदकर छोड़ दिया गया है, जिससे यह क्षेत्र ‘जनता की जान से खिलवाड़’ का केंद्र बन गया है। कंक्रीट रोड तोड़कर मलबा लावारिस छोड़ दिया गया है। खुले गड्ढे और कीचड़ भरी सड़कें किसी भी समय बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती हैं। अभी कुछ समय पहले हीरापुर चौक पर हुई जनहानि ऐसी ही लापरवाही का जीता जागता उदहारण है.आयोग ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षित सड़क और स्वस्थ वातावरण नागरिकों का बुनियादी अधिकार है, और वर्तमान स्थिति सीधे तौर पर मानवाधिकारों का उल्लंघन है। हफ़्तों से जनता प्रताड़ित हो रही है, लेकिन अधिकारियों की उदासीनता ठेकेदारों को संरक्षण देने जैसा है।
आयोग ने पत्र के माध्यम से जोन कमिशनर से मांग की है कि संबंधित ठेकेदार को तत्काल मलबा हटाने और सड़क समतलीकरण के निर्देश दिए जाएं।कार्य क्षेत्र में सुरक्षा मानकों (बैरीकेडिंग एवं संकेतक) का पालन सुनिश्चित हो। लापरवाह अधिकारियों और ठेकेदार पर उचित दंडात्मक कार्यवाही की जाए।
प्रदुमन शर्मा (प्रदेश महासचिव) ने आगे कहा कि यदि इस दौरान कोई भी अप्रिय घटना या जनहानि होती है, तो इसके लिए सीधे तौर पर संबंधित इंजीनियर जिम्मेदार होंगे।

