हिंदू सम्मेलन कार्यक्रम अप्रैल माह में होगा आयोजित
प्रदेश नेतृत्व ने कार्यक्रम की रूपरेखा और उद्देश्यों की दी विस्तृत जानकारी
कांकेर। अखिल भारतीय हिंदू परिषद के तत्वावधान में आगामी अप्रैल माह में एक भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इस सम्मेलन को लेकर संगठन के प्रदेश नेतृत्व ने संयुक्त रूप से जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह आयोजन समाज में सांस्कृतिक चेतना के प्रसार, सामाजिक समरसता को मजबूत करने तथा हिंदू समाज को संगठित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और दूरगामी पहल साबित होगा। सम्मेलन की तैयारियों को लेकर प्रदेश स्तर पर बैठकों का सिलसिला प्रारंभ हो चुका है और इसे ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने के लिए व्यापक रणनीति तैयार की जा रही है।
अखिल भारतीय हिंदू परिषद के प्रदेश अध्यक्ष आलोक पांडे, प्रदेश संगठन महामंत्री गणेश तिवारी एवं प्रदेश महामंत्री उत्कर्ष गढ़ेवाल ने संयुक्त रूप से पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि यह सम्मेलन केवल एक औपचारिक या प्रतीकात्मक कार्यक्रम नहीं होगा, बल्कि समाज को सकारात्मक दिशा देने, सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा करने और राष्ट्रीय चेतना को सुदृढ़ करने का एक सशक्त मंच बनेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज अनेक प्रकार की सामाजिक, सांस्कृतिक और वैचारिक चुनौतियों का सामना कर रहा है, ऐसे में समाज को जागरूक करना और एकजुट करना अत्यंत आवश्यक हो गया है।
प्रदेश अध्यक्ष आलोक पांडे ने कहा कि हिंदू सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य समाज में सांस्कृतिक चेतना को जागृत करना, हिंदू समाज को एक सूत्र में पिरोना तथा राष्ट्रीय और सामाजिक मुद्दों पर सार्थक संवाद स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि आज के समय में समाज में विघटनकारी शक्तियां सक्रिय हैं और सामाजिक एकता को कमजोर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे समय में सांस्कृतिक एकता, सामाजिक समरसता और राष्ट्र के प्रति जागरूकता को मजबूत करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। सम्मेलन के माध्यम से समाज के हर वर्ग तक सकारात्मक संदेश पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
प्रदेश संगठन महामंत्री गणेश तिवारी ने बताया कि सम्मेलन की तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं और इसके लिए चरणबद्ध तरीके से योजना बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश भर से बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं, संत-महात्माओं, समाजसेवियों, शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों एवं प्रबुद्ध नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। सम्मेलन में धर्म, संस्कृति, शिक्षा, सामाजिक एकता, राष्ट्र निर्माण, युवाओं की भूमिका और सामाजिक चुनौतियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा। विभिन्न सत्रों के माध्यम से समाज के समक्ष उपस्थित समस्याओं पर मंथन कर उनके समाधान के मार्ग तलाशे जाएंगे।
प्रदेश महामंत्री उत्कर्ष गढ़ेवाल ने कहा कि हिंदू सम्मेलन केवल एक दिन का आयोजन नहीं होगा, बल्कि यह समाज को दीर्घकालीन दिशा देने का एक सशक्त माध्यम बनेगा। उन्होंने बताया कि सम्मेलन के माध्यम से विशेष रूप से युवाओं को अपनी संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। आज की युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से अवगत कराना अत्यंत आवश्यक है ताकि वे समाज और राष्ट्र के निर्माण में सकारात्मक भूमिका निभा सकें। साथ ही समाज में व्याप्त कुरीतियों, सामाजिक विकृतियों और चुनौतियों पर गंभीर चिंतन कर समाज को सकारात्मक और प्रेरणादायक संदेश देने का कार्य किया जाएगा।
प्रदेश नेतृत्व ने जानकारी दी कि सम्मेलन में देश के विभिन्न हिस्सों से साधु-संत, महात्मा, प्रख्यात वक्ता, सामाजिक चिंतक, प्रवक्ता एवं विभिन्न क्षेत्रों के अनुभवी लोग अपने विचार रखेंगे। इनके विचारों से समाज को मार्गदर्शन मिलेगा और जनमानस में नई ऊर्जा एवं चेतना का संचार होगा। सम्मेलन के दौरान समाज के समक्ष मौजूद ज्वलंत मुद्दों पर खुला संवाद स्थापित किया जाएगा, जिससे समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा तय हो सके।
सम्मेलन को सफल बनाने के लिए जिला, मंडल एवं प्रखंड स्तर पर बैठकों का आयोजन किया जाएगा। कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी ताकि आयोजन को सुव्यवस्थित, अनुशासित और भव्य रूप दिया जा सके। सम्मेलन स्थल, तिथि, समय और अन्य व्यवस्थाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी शीघ्र ही सार्वजनिक की जाएगी। इसके लिए प्रचार-प्रसार की भी व्यापक योजना बनाई जा रही है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस सम्मेलन से जुड़ सकें।
प्रदेश नेतृत्व ने अंत में सभी समाजसेवियों, कार्यकर्ताओं, युवाओं, बुद्धिजीवियों एवं आम नागरिकों से अपील की कि वे इस हिंदू सम्मेलन में अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता करें और समाज व राष्ट्र निर्माण की इस पहल को सफल बनाने में अपना सक्रिय योगदान दें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह सम्मेलन समाज को नई दिशा देगा और सांस्कृतिक एवं सामाजिक चेतना को और अधिक सशक्त करेगा।

