महिला पुलिसकर्मी पर जानलेवा हमले को लेकर अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संरक्षण आयोग (IHRPC) की रायगढ़ में हुई उच्च स्तरीय बैठक
रायगढ़, छत्तीसगढ़:तमनार क्षेत्र में कार्यरत एक महिला पुलिस कांस्टेबल पर हुए अमानवीय और प्राणघातक हमले के विरोध में अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संरक्षण आयोग (IHRPC) ने कड़ा रुख अपनाया है। इस गंभीर विषय को लेकर रायगढ़ में एक महत्वपूर्ण बैठक प्रदेश अध्यक्ष (महिला विंग) कायनात शेख जी के नेतृत्व में आयोजित की गई।बैठक में मुख्य रूप से पूर्वी भारत जोन के महासचिव शब्बीर अहमद एवं प्रदेश अध्यक्ष डॉ. गुरदीप सिंह, प्रदेश संगठन सचिव डॉ राहुल शर्मा उपस्थित रहे। चर्चा में प्रदेश अध्यक्ष डॉ. गुरदीप सिंह और प्रदेश महासचिव प्रदुमन शर्मा ने प्रशासन की कार्यप्रणाली और पीड़ित महिला कर्मी की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई।दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की मांग:प्रदेश महासचिव प्रदुमन शर्मा ने बताया कि आयोग ने पुलिस अधीक्षक (SP) और जिला कलेक्टर को पत्र सौंपकर मांग की है कि:दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी हो और मामला SIT (विशेष जांच दल) को सौंपा जाए।त्वरित न्याय के लिए केस का फास्ट ट्रैक ट्रायल चलाया जाए।अपराधियों पर हत्या के प्रयास जैसी कठोर धाराओं के तहत कार्यवाही हो।स्थानीय पदाधिकारियों का समर्थन:इस बैठक में रायगढ़ जिले के प्रमुख पदाधिकारी भी शामिल रहे, जिनमें जिला अध्यक्ष रोमेश सिन्हा जी, जिला उपाध्यक्ष संतोष श्रीवास, जिला महासचिव (महिला विंग) सीता राजपूत और जिला सचिव (महिला विंग) कंचन चौहान जी ने एक स्वर में पीड़ित महिला पुलिसकर्मी को न्याय दिलाने और उसे उचित मुआवजा व चिकित्सा सुविधा प्रदान करने की मांग का समर्थन किया।अंतर्राष्ट्रीय मंच पर :बैठक में यह निर्णय लिया गया कि यदि प्रशासन इस मामले में ढुलमुल रवैया अपनाता है, तो अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संरक्षण आयोग इस मुद्दे को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार मंचों पर उठाएगा। आयोग ने स्पष्ट किया कि जब खाकी वर्दी में तैनात रक्षक ही सुरक्षित नहीं हैं, तो यह समाज और महिला सुरक्षा के लिए एक अत्यंत गंभीर संकेत है।

