छत्तीसगढ़ तमनार में महिला आरक्षकों के साथ हुई बर्बरता पर प्रदेश महासचिव प्रद्युम्न शर्मा ने जताई कड़ी आपत्ति; निष्पक्ष जांच की मांग


दिनांक: 3 जनवरी 2026स्थान: रायपुर, छत्तीसगढ़ तमनार में महिला आरक्षकों के साथ हुई बर्बरता पर प्रदेश महासचिव प्रद्युम्न शर्मा ने जताई कड़ी आपत्ति; निष्पक्ष जांच की मांग।तमनार, रायगढ़:अन्तर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संरक्षण आयोग के प्रदेश महासचिव श्री प्रद्युम्न शर्मा ने तमनार क्षेत्र में हुई हिंसक झड़प के दौरान महिला आरक्षकों और महिला पुलिस कर्मियों के साथ की गई अमानवीय बर्बरता पर गहरा रोष प्रकट किया है। उन्होंने इस कृत्य को मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन और नारी शक्ति का अपमान बताया है।प्रदुमन शर्मा ने कहा कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात महिला पुलिस कर्मियों को निशाना बनाना और उनके साथ शारीरिक क्रूरता करना एक कायराना कृत्य है। समाज की रक्षा करने वाली बेटियों के साथ ऐसी हैवानियत कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। IHRPC ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि वीडियो फुटेज और साक्ष्यों के आधार पर उन उपद्रवियों की पहचान की जाए जिन्होंने महिला आरक्षकों पर हाथ उठाया है। उनके विरुद्ध सख्त से सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएं। इस बात पर भी चिंता जताई है कि संवेदनशील स्थिति में महिला पुलिस कर्मियों की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं थे? श्री शर्मा ने इस चूक की भी जांच की मांग की है।IHRPC ने स्पष्ट किया है कि आयोग इस मामले की निगरानी सीधे तौर पर करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि पीड़ित महिला कर्मियों को उचित न्याय और सम्मान मिले।प्रद्युम्न शर्मा (प्रदेश महासचिव) ने कहा :”वर्दी में तैनात महिला कर्मी केवल एक कर्मचारी नहीं, बल्कि राज्य की कानून व्यवस्था का चेहरा होती हैं। उनके साथ हुई बर्बरता समाज की नैतिकता पर सवाल खड़ा करती है। अन्तर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संरक्षण आयोग इस मामले में मूकदर्शक नहीं रहेगा और दोषियों को सजा मिलने तक इस मुद्दे को हर स्तर पर उठाएगा।”

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