14 दिन में बदली महाराजबंध तालाब की तस्वीर, सफाई अभियान में चौंकाने वाले अपशिष्ट निकले — महाराजबंध सफाई अभियान के प्रोग्राम डायरेक्टर शशिकांत यदु !
रायपुर। महाराजबंध तालाब को स्वच्छ, सुरक्षित और जीवंत स्वरूप में लौटाने के उद्देश्य से संचालित महाराजबंध सफाई अभियान ने अपने 14 दिन सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिए हैं। इस अवधि में तालाब से वर्षों से जमा हर प्रकार का अपशिष्ट हटाया गया है, जिससे तालाब की वास्तविक स्थिति सामने आई है।महाराजबंध सफाई अभियान के प्रोग्राम डायरेक्टर शशिकांत यदु ने बताया कि सफाई के दौरान तालाब से घरेलू, धार्मिक, चिकित्सकीय और जैविक — सभी प्रकार के अपशिष्ट निकाले गए हैं। अभियान में अब तक 46 गद्दे व तकिए, न्यूरो बैग, मेडिकल स्टूलमेंट, मरी हुई मछलियां, दुर्गा व गणेश की झांकियां, तथा भारी मात्रा में अन्य कचरा बाहर निकाला गया है। इसके अतिरिक्त कई ट्रक भरकर सिंगल यूज प्लास्टिक भी तालाब से हटाया गया, जो लंबे समय से हो रहे अनियंत्रित अपशिष्ट प्रवाह को दर्शाता है।
इस अभियान का संचालन ग्रीन आर्मी के संस्थापक एवं प्रदेश अध्यक्ष के मार्गदर्शन में किया गया है, जिनके अनुभव और दिशा-निर्देशन ने अभियान को प्रभावी और व्यवस्थित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।तालाब में लंबे समय से जमी गंदगी और ठहरे पानी के कारण जलीय जीवन प्रभावित हुआ है, जिसके चलते कई स्थानों पर मछलियों के मरने की स्थिति सामने आई। जल की वास्तविक गुणवत्ता जानने के लिए भूजल विशेषज्ञ पाणिग्रही जी द्वारा पानी के नमूने प्रयोगशाला जांच हेतु भेजे गए हैं। प्रथम दृष्टया जांच में पानी को मानव उपयोग योग्य नहीं बताया गया है, जिसके आधार पर आगे की सुधारात्मक कार्ययोजना तैयार की जा रही है।इस अभियान को नगर निगम द्वारा आवश्यक संसाधन सहयोग भी प्रदान किया जा रहा है, जिससे सफाई कार्य को व्यवस्थित रूप से संचालित किया जा सका।
इस अभियान को सफल बनाने में ग्रीन आर्मी के समर्पित योद्धाओं की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही है। कठिन परिस्थितियों, दुर्गंध और भारी मात्रा में अपशिष्ट के बीच सभी स्वयंसेवकों ने रोज़ अनुशासन और सेवा भाव के साथ श्रमदान किया। उनके सामूहिक प्रयास, निरंतर उपस्थिति और जिम्मेदार कार्यशैली के कारण महाराजबंध तालाब की स्थिति में स्पष्ट परिवर्तन दिखाई देने लगा है। संगठन ने सभी ग्रीन आर्मी योद्धाओं की निष्ठा, मेहनत और समर्पण की मुक्त कंठ से सराहना की है।
प्रदेश मीडिया प्रभारीशशिकांत यदु
रायपुर। महाराजबंध तालाब को स्वच्छ, सुरक्षित और जीवंत स्वरूप में लौटाने के उद्देश्य से संचालित महाराजबंध सफाई अभियान ने अपने 14 दिन सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिए हैं। इस अवधि में तालाब से वर्षों से जमा हर प्रकार का अपशिष्ट हटाया गया है, जिससे तालाब की वास्तविक स्थिति सामने आई है।महाराजबंध सफाई अभियान के प्रोग्राम डायरेक्टर शशिकांत यदु ने बताया कि सफाई के दौरान तालाब से घरेलू, धार्मिक, चिकित्सकीय और जैविक — सभी प्रकार के अपशिष्ट निकाले गए हैं। अभियान में अब तक 46 गद्दे व तकिए, न्यूरो बैग, मेडिकल स्टूलमेंट, मरी हुई मछलियां, दुर्गा व गणेश की झांकियां, तथा भारी मात्रा में अन्य कचरा बाहर निकाला गया है। इसके अतिरिक्त कई ट्रक भरकर सिंगल यूज प्लास्टिक भी तालाब से हटाया गया, जो लंबे समय से हो रहे अनियंत्रित अपशिष्ट प्रवाह को दर्शाता है।
इस अभियान का संचालन ग्रीन आर्मी के संस्थापक एवं प्रदेश अध्यक्ष के मार्गदर्शन में किया गया है, जिनके अनुभव और दिशा-निर्देशन ने अभियान को प्रभावी और व्यवस्थित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।तालाब में लंबे समय से जमी गंदगी और ठहरे पानी के कारण जलीय जीवन प्रभावित हुआ है, जिसके चलते कई स्थानों पर मछलियों के मरने की स्थिति सामने आई। जल की वास्तविक गुणवत्ता जानने के लिए भूजल विशेषज्ञ पाणिग्रही जी द्वारा पानी के नमूने प्रयोगशाला जांच हेतु भेजे गए हैं। प्रथम दृष्टया जांच में पानी को मानव उपयोग योग्य नहीं बताया गया है, जिसके आधार पर आगे की सुधारात्मक कार्ययोजना तैयार की जा रही है।इस अभियान को नगर निगम द्वारा आवश्यक संसाधन सहयोग भी प्रदान किया जा रहा है, जिससे सफाई कार्य को व्यवस्थित रूप से संचालित किया जा सका।
इस अभियान को सफल बनाने में ग्रीन आर्मी के समर्पित योद्धाओं की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही है। कठिन परिस्थितियों, दुर्गंध और भारी मात्रा में अपशिष्ट के बीच सभी स्वयंसेवकों ने रोज़ अनुशासन और सेवा भाव के साथ श्रमदान किया। उनके सामूहिक प्रयास, निरंतर उपस्थिति और जिम्मेदार कार्यशैली के कारण महाराजबंध तालाब की स्थिति में स्पष्ट परिवर्तन दिखाई देने लगा है। संगठन ने सभी ग्रीन आर्मी योद्धाओं की निष्ठा, मेहनत और समर्पण की मुक्त कंठ से सराहना की है।
प्रदेश मीडिया प्रभारीशशिकांत यदु

